
रांची : केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पीएम सेतु योजना के तहत झारखंड के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को बड़े पैमाने पर आधुनिक बनाया जाएगा। राज्य सरकार ने इस योजना के क्रियान्वयन को मंजूरी दी है। इसके बाद श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है।
इस योजना के अंतर्गत राज्य में हब एवं स्पोक मॉडल पर आईटीआई क्लस्टरों का विकास किया जाएगा। इन संस्थानों के आधुनिकीकरण पर अगले पांच वर्षों में लगभग 686 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कैबिनेट से भी इसकी स्वीकृति ली गई थी।
79 सरकारी और 290 निजी आईटीआई संचालित
विभाग के अनुसार, योजना का उद्देश्य सरकारी आईटीआई को बदलती औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप तैयार करना और युवाओं की रोजगार क्षमता को मजबूत करना है। वर्तमान में झारखंड में 79 सरकारी और 290 निजी आईटीआई संचालित हैं, जहां विभिन्न तकनीकी एवं गैर-तकनीकी ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। योजना के तहत हब आईटीआई के साथ जुड़े स्पोक संस्थानों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, अत्याधुनिक मशीनें और उद्योग आधारित प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
संस्थानों में नए ट्रेड शुरू होंगे
हब संस्थानों में उद्योग 4.0 आधारित नए ट्रेड शुरू होंगे, जबकि पुराने ट्रेड्स को अपग्रेड किया जाएगा।
डिजिटल प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वर्चुअल रियलिटी, सिमुलेशन तकनीक और डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म को आईटीआई सिस्टम से जोड़ा जाएगा। प्रशिक्षकों और युवाओं के लिए विशेष अल्पकालिक और कौशल विकास कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।
योजना के संचालन के लिए एसपीवी का होगा गठन
योजना के संचालन के लिए प्रत्येक क्लस्टर में विशेष प्रयोजन इकाई का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता उद्योग भागीदार करेगा। यह इकाई प्रशिक्षण, प्रबंधन, आधारभूत संरचना और रोजगार परिणामों की जिम्मेदारी संभालेगी।
वित्तीय संरचना के अनुसार योजना में केंद्र सरकार 50 प्रतिशत, राज्य सरकार 33 प्रतिशत और उद्योग जगत 17 प्रतिशत की हिस्सेदारी निभाएंगे।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि क्लस्टरों के चयन के बाद ही बजटीय आवंटन अंतिम रूप से तय किया जाएगा और आवश्यकता अनुसार राशि में बदलाव किया जा सकता है।

