Home » Jamshedpur Durga Puja : मां दुर्गा की विदाई पर भक्ति के रंग में रंगीं विधायक पूर्णिमा साहू, धुनुची नृत्य कर जीता लोगों का दिल, लौहनगरी में जगह-जगह सिंदूर खेला

Jamshedpur Durga Puja : मां दुर्गा की विदाई पर भक्ति के रंग में रंगीं विधायक पूर्णिमा साहू, धुनुची नृत्य कर जीता लोगों का दिल, लौहनगरी में जगह-जगह सिंदूर खेला

लौहनगरी के विभिन्न पंडालों में महिलाओं ने सिंदूर खेला खेल कर माता को विदाई दी। पंडालों में महिलाएं जमा हुईं। पूजा-अर्चना के बाद एक दूसरे को सिंदूर लगा कर सिंदूर खेला का आयोजन किया। इसके बाद पंडालों से विसर्जन जुलूस निकला।

by Mujtaba Haider Rizvi
jamshedpur durga puja sindur khe
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Jamshedpur : मां दुर्गा की विदाई के मौके पर जमशेदपुर में भक्तिमय माहौल के बीच उत्साह और उमंग का अनूठा संगम देखने को मिला। ढाक की गूंजती थाप और मां दुर्गा के जयकारों के बीच जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू का पारंपरिक अंदाज लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। सिंदूर खेला के बाद विधायक ने पारंपरिक परिधान में जमकर नृत्य किया। इसके साथ ही धुनुची नृत्य में हिस्सा लेकर उन्होंने दुर्गोत्सव की रौनक बढ़ा दी। इसके अलावा, बुधवार को लौहनगरी के विभिन्न पंडालों में महिलाओं ने सिंदूर खेला खेल कर माता को विदाई दी। पंडालों में महिलाएं जमा हुईं। पूजा-अर्चना के बाद एक दूसरे को सिंदूर लगा कर सिंदूर खेला का आयोजन किया। इसके बाद पंडालों से विसर्जन जुलूस निकला।

ढाक की थाप पर किया धुनुची नृत्य

बंगाल की दुर्गा पूजा परंपरा में धुनुची नृत्य का विशेष महत्व है। धुनुची लेकर ढाक की लय पर किया जाने वाला यह पारंपरिक नृत्य मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। मां की विदाई के भावुक अवसर पर पूर्णिमा साहू को इस परंपरा में शामिल होते देख वहां मौजूद लोगों में खासा उत्साह नजर आया।

विधायक ने उत्सव के दौरान पारंपरिक नृत्य में भाग लेकर दुर्गा पूजा के सांस्कृतिक रंग को और खास बना दिया। उनका यह अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा।

सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में भी रहती हैं सक्रिय

राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ पूर्णिमा साहू सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी भाग लेती रही हैं। दुर्गा पूजा के दौरान मां की विदाई पर उनका नृत्य और धुनुची नृत्य में भागीदारी इसी उत्सवी अंदाज को दर्शाती है। इससे पहले सावन मिलन जैसे आयोजनों में भी उनके नृत्य करते नजर आने के मौके रहे हैं। मां दुर्गा की विदाई के मौके पर विधायक की इस भागीदारी ने उत्सव के माहौल में भक्ति और संस्कृति का रंग घोल दिया।

आबार ऐशो मां… की करुण पुकार के साथ नम आंखों से दी मां दुर्गा को विदाई

देश भर के साथ राज्य में भी दुर्गा पूजा के समापन पर मां दुर्गा को भावभीनी विदाई दी गई। बुधवार को विभिन्न पूजा पंडालों में सिंदूर खेला की परंपरा निभाने के बाद आबार ऐशो मां… की करुण पुकार के साथ प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। सुबह से ही पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। कहीं महिलाओं ने बंगाली परंपरा के अनुसार सिंदूर खेला का दृश्य दिखा, तो बिहार-यूपी की महिलाओं ने मां का आशीर्वाद लेकर खोंइछा भरा। कहीं ढाक की थाप, शंखध्वनि और मां दुर्गा के जयकारों के बीच विदाई की तैयारियां की गईं। मां की विदाई के दौरान भक्तों की आंखें नम हो गईं और पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा।

कई पूजा पंडालों में महिलाओं ने बंगाली परंपरा के अनुसार, सिंदूर खेला की रस्म अदा की। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने मां दुर्गा के चरणों में सिंदूर अर्पित कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इसके बाद एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर मां दुर्गा से अखंड सौभाग्य और परिवार की खुशहाली का आशीर्वाद मांगा।

इस दौरान महिलाओं ने मां को मिठाई और पान अर्पित कर विदाई दी। सिंदूर खेला के आयोजन में बंगाली संस्कृति और परंपरा की खूबसूरत झलक देखने को मिली। कई स्थानों पर महिलाओं ने ढोल-ताशा व ढाक की थाप पर उत्साह के साथ हिस्सा लिया। श्रद्धा और उल्लास के बीच निभाई गई इस परंपरा ने विदाई के क्षणों को भावुक बना दिया।

Read also Kanya Pujan 2026 : कन्या पूजन के बिना अधूरा माना जाता है नवरात्रि व्रत, जानें 2 से 10 साल की कन्याओं की पूजा का महत्व और विधि

Related Articles

Leave a Comment