
नई व्यवस्था के अनुरूप डिजाइन तैयार करने का अधिकारियों को दिया गया निर्देश
वाहनों को टोल प्लाजा पर पारंपरिक तरीके से रुककर टोल देने की कम होगी जरूरत
फास्टैग आधारित व्यवस्था के माध्यम से तेज की जाएगी वाहनों की आवाजाही
वाहनों की कतार घटने से प्रदूषण व यातायात दबाव कम करने में भी मिलेगी मदद
रांची : झारखंड में राष्ट्रीय राजमार्गों पर बनने वाले नए टोल प्लाजा का स्वरूप अब बदलने जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने नई परियोजनाओं में रैंप आधारित टोल प्लाजा के बजाय मल्टी लेन फ्री-फ्लो टोलिंग सिस्टम अपनाने का निर्देश दिया है। एनएचएआई के सदस्य (परियोजना) ने परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को इसी व्यवस्था के अनुरूप डिजाइन तैयार करने का निर्देश दिया।
नए सिस्टम में वाहनों को टोल प्लाजा पर पारंपरिक तरीके से रुककर टोल देने की जरूरत कम होगी। इलेक्ट्रॉनिक टोल वसूली और फास्टैग आधारित व्यवस्था के माध्यम से वाहनों की आवाजाही को तेज किया जाएगा। इससे टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतार और जाम से वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
टोल भवन का भी बदलेगा प्रारूप
एनएचएआई के निर्देश के अनुसार, टोल प्लाजा में बनने वाले टोल भवन और शौचालय ब्लॉक का डिजाइन एनएचएआई की नवीनतम ड्राइंग के अनुरूप होगा। शौचालय ब्लॉक की ड्राइंग जारी की जा चुकी है, जबकि टोल भवन की ड्राइंग जल्द जारी की जाएगी। टोल प्लाजा की पूरी व्यवस्था को यातायात की सुगम आवाजाही को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा।
समय और ईंधन की होगी बचत
मल्टी लेन फ्री-फ्लो व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि वाहनों को टोल पर अनावश्यक रूप से रुकना नहीं पड़ेगा। इससे यात्रा में लगने वाला समय कम होगा। बार-बार वाहन रोकने और फिर चलाने की जरूरत घटने से ईंधन की खपत में भी कमी आने की उम्मीद है। खासकर ट्रक और बस जैसे भारी वाहनों को इसका फायदा मिलेगा। टोल प्लाजा के आसपास वाहनों की कतार घटने से प्रदूषण और यातायात दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है।
प्रदेश में करीब दो दर्जन टोल प्लाजा
झारखंड में राष्ट्रीय राजमार्गों का नेटवर्क बढ़ने के साथ टोल प्लाजा की संख्या भी लगातार बढ़ी है। राज्य में वर्तमान में करीब दो दर्जन टोल प्लाजा राष्ट्रीय राजमार्गों पर संचालित या परियोजनाओं से जुड़े हैं। रांची, हजारीबाग, रामगढ़, धनबाद, जमशेदपुर समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर इनका महत्व काफी अधिक है।
एनएचएआई की नई व्यवस्था लागू होने के बाद आने वाले वर्षों में नए टोल प्लाजा में यात्रियों को ज्यादा तेज, डिजिटल और निर्बाध टोलिंग सुविधा मिलने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य टोल वसूली के साथ-साथ राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों की रफ्तार और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

