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Jamshedpur Tata Steel : टाटा स्टील फाउंडेशन की पहल से 17 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, यूनिफॉर्म सर्विसेज में बना रहे करियर

कोचिंग कार्यक्रम के जरिए युवाओं को भारतीय सेना, अग्निवीर, भारतीय नौसेना, वायुसेना, भारतीय तटरक्षक बल, एनडीए, एसएससी जीडी, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, रेलवे सुरक्षा बल, राज्य पुलिस और अन्य अर्धसैनिक सेवाओं की भर्ती के लिए तैयार किया जाता है।

by Mujtaba Haider Rizvi
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Jamshedpur : टाटा स्टील फाउंडेशन की यूनिफॉर्म सर्विसेज कोचिंग पहल जमाडोबा और सिजुआ के युवाओं को देश सेवा का सपना पूरा करने में मदद कर रही है। इस कार्यक्रम के जरिए युवाओं को सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों में भर्ती की तैयारी के लिए शैक्षणिक प्रशिक्षण, शारीरिक अभ्यास और करियर संबंधी मार्गदर्शन दिया जा रहा है। अब तक इस पहल से जुड़े 17 अभ्यर्थी विभिन्न सरकारी सेवाओं में चयनित हो चुके हैं।

जमाडोबा और सिजुआ के कई युवा लंबे समय से भारतीय सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों में शामिल होकर देश की सेवा करना चाहते हैं। हालांकि, बेहतर कोचिंग, नियमित शारीरिक प्रशिक्षण और सही मार्गदर्शन की कमी के कारण उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को दूर करने के उद्देश्य से टाटा स्टील फाउंडेशन ने नवंबर 2022 में जमाडोबा और सिजुआ में यूनिफॉर्म सर्विसेज कोचिंग कार्यक्रम शुरू किया था।

इस कार्यक्रम के तहत अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा की तैयारी के साथ शारीरिक दक्षता बढ़ाने, मॉक टेस्ट देने, करियर काउंसलिंग और नियमित मेंटरशिप की सुविधा मिलती है। पहले यह एक साल का कार्यक्रम था, लेकिन पिछले बैचों के अनुभव के आधार पर चालू वित्तीय वर्ष से इसे छह महीने के गहन प्रशिक्षण मॉडल में बदल दिया गया है। कोचिंग की निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भी अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा की तैयारी, शंकाओं के समाधान और शारीरिक फिटनेस के आकलन में सहायता दी जाती है।

सेना से लेकर पुलिस भर्ती तक की तैयारी

कोचिंग कार्यक्रम के जरिए युवाओं को भारतीय सेना, अग्निवीर, भारतीय नौसेना, वायुसेना, भारतीय तटरक्षक बल, एनडीए, एसएससी जीडी, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, रेलवे सुरक्षा बल, राज्य पुलिस और अन्य अर्धसैनिक सेवाओं की भर्ती के लिए तैयार किया जाता है।

पाठ्यक्रम में गणित, रीजनिंग, हिंदी-अंग्रेजी, सामान्य विज्ञान, भारतीय राजव्यवस्था और रक्षा से संबंधित सामान्य जानकारी शामिल है। भर्ती परीक्षाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर प्रशिक्षण दिया जाता है।

दोनों केंद्रों पर तीन-तीन प्रशिक्षक तैनात हैं। इनमें एक शारीरिक प्रशिक्षण प्रशिक्षक और दो विषय विशेषज्ञ शामिल हैं। सोमवार से शुक्रवार तक चलने वाली कक्षाओं में सुबह शारीरिक अभ्यास और दोपहर में लिखित परीक्षा से संबंधित पढ़ाई कराई जाती है।

93 युवाओं ने लिया प्रशिक्षण, 17 को मिली सरकारी नौकरी

कार्यक्रम शुरू होने के बाद से जमाडोबा और सिजुआ केंद्रों पर कुल 93 अभ्यर्थियों ने नामांकन कराया है। इनमें से 17 युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिली है। चयनित अभ्यर्थियों ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), एसएससी जीडी, अग्निवीर और बिहार पुलिस जैसी सेवाओं में जगह बनाई है।

नियुक्ति पाने वालों में 12 पुरुष और पांच महिलाएं शामिल हैं। ये अभ्यर्थी पटिया बस्ती, भेलाटांड़, मलकेरा, जोरापोखर, सिजुआ नंबर छह, सिजुआ नंबर 12, भौरा और लहरगोड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों से आते हैं।

इसके अलावा, कार्यक्रम से जुड़े 21 अभ्यर्थी होमगार्ड भर्ती परीक्षा में सफल हुए हैं और अपना मेडिकल परीक्षण पूरा कर चुके हैं। अब उन्हें अंतिम मेरिट सूची का इंतजार है। इन अभ्यर्थियों में छह महिलाएं शामिल हैं। यह उपलब्धि वर्दीधारी सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भी सामने लाती है।

वेस्ट बोकारो तक पहुंची पहल

जमाडोबा और सिजुआ में मिले परिणामों के बाद टाटा स्टील फाउंडेशन ने इस कार्यक्रम का विस्तार वेस्ट बोकारो तक किया है। आने वाले समय में इसे अन्य क्षेत्रों में भी शुरू करने की योजना है, ताकि स्थानीय युवाओं को सरकारी और सार्वजनिक सेवाओं में करियर बनाने के अधिक अवसर मिल सकें।

प्रशिक्षण से युवाओं को मिला आत्मविश्वास

आईटीबीपी में कार्यरत मलकेरा के आनंद कुमार ने बताया कि सशस्त्र बलों में सेवा करना उनका पुराना सपना था। एसएससी जीडी चयन में कुछ अंकों से पीछे रह जाने के कारण उन्हें निराशा हुई थी। इसके बाद टाटा स्टील फाउंडेशन की यूनिफॉर्म सर्विसेज कोचिंग से जुड़ने पर उन्हें अनुशासन, मार्गदर्शन और आत्मविश्वास मिला। लगातार मेहनत और परिवार तथा प्रशिक्षकों के सहयोग से उन्होंने अपना लक्ष्य हासिल किया। आज आईटीबीपी में सेवा करना उनके और उनके परिवार के लिए गर्व की बात है।

वहीं, सिजुआ नंबर 12 की आशा महतो फिलहाल प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने बताया कि सेना की वर्दी पहनना उनका सपना है। कोचिंग में मिलने वाला प्रशिक्षण, अनुशासन और मार्गदर्शन उन्हें लक्ष्य के प्रति लगातार मेहनत करने के लिए प्रेरित करता है। उन्हें उम्मीद है कि समर्पण और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ वह भी अपने सपने को साकार कर सकेंगी। टाटा स्टील फाउंडेशन की यह पहल स्थानीय युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें देश सेवा के अवसरों तक पहुंचने में मदद कर रही है।

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