
रांची : देश में एक जुलाई 2026 से लागू हो चुकी विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी योजना अब झारखंड में भी धरातल पर उतरने जा रही है। राज्य सरकार की ओर से योजना को लेकर पहले ही सैद्धांतिक सहमति दी जा चुकी थी, लेकिन राज्य में काम शुरू नहीं हो पाया था। 25 अगस्त 2026 को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में झारखंड में योजना लागू करने की स्वीकृति मिलने के बाद अब ग्रामीण विकास विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।
केंद्र सरकार ने वीबी-जी राम जी अधिनियम को एक जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू किया था। योजना के तहत ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को, जो अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक हैं, एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी दी गयी है। केंद्र के अनुसार योजना का उद्देश्य रोजगार के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ परिसंपत्तियों और बुनियादी ढांचे का विकास करना है।
सैद्धांतिक सहमति के बाद भी शुरू नहीं हो पाया था काम
झारखंड में योजना को लागू करने को लेकर पहले सैद्धांतिक स्तर पर सहमति बनी थी। हालांकि राज्य स्तर पर औपचारिक प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण योजना के तहत नये प्रावधानों के अनुरूप काम शुरू नहीं हो सका था। 25 अगस्त की मंत्रिपरिषद स्वीकृति और अब अधिसूचना जारी होने के बाद कार्यान्वयन का रास्ता साफ हो गया है। अब ग्राम पंचायत स्तर पर रोजगार कार्यों की योजना और उसे जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू होगी। मजदूरों के रोजगार मांगने की प्रक्रिया और काम नहीं उपलब्ध कराने पर मुआवजा का भी प्रावधान किया गया।
90:10 अनुपात की मांग कर रही राज्य सरकार
योजना के वित्तीय प्रावधान को लेकर झारखंड सरकार केंद्र से 90:10 के अनुपात में राशि उपलब्ध कराने की मांग कर रही है। हालांकि मौजूदा केंद्रीय प्रावधान के अनुसार सामान्य राज्यों के लिए केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी 60:40 है। 90:10 का प्रावधान पूर्वोत्तर राज्यों, हिमालयी राज्यों और जम्मू-कश्मीर के लिए है। इसलिए झारखंड की ओर से 90:10 अनुपात की मांग को राज्य की अलग मांग के रूप में देखा जा रहा है।
125 दिन रोजगार के साथ गांवों में होंगे विकास कार्य
योजना में रोजगार देने के साथ जल सुरक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका से जुड़ी परिसंपत्तियों तथा बाढ़, सूखा और अन्य चरम मौसम की परिस्थितियों के प्रभाव को कम करने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी जायेगी। कृषि के मुख्य मौसम में पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध रहें, इसके लिए भी रोजगार कार्यों की योजना कृषि गतिविधियों को ध्यान में रखकर तैयार की जायेगी।
पंचायत स्तर पर योजनाओं का होगा अभिसरण
ग्राम पंचायत स्तर पर विभिन्न विभागों और योजनाओं के बीच अभिसरण किया जायेगा। पंचायतों की योजनाओं को पीएम गति शक्ति, भू-स्थानिक प्रणालियों और डिजिटल बुनियादी ढांचे से जोड़ने का प्रावधान है। योजना में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, जीपीएस या मोबाइल आधारित कार्यस्थल निगरानी, रियल टाइम प्रबंधन सूचना प्रणाली और डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था भी की गयी है।

