
रांची : सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं के लिए आज का दिन बेहद खास है। झारखंड हाईकोर्ट में आज चार बड़ी भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामले पर सुनवाई होगी। राज्य सरकार ने इन परीक्षाओं के विज्ञापन रद्द कर दिए थे। सरकार के इसी फैसले के खिलाफ अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
इन चार बड़ी भर्ती परीक्षाओं पर संकट
झारखंड सरकार की अधिसूचना से चार बड़ी परीक्षाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें जेएसएससी सीजीएल-2023 परीक्षा शामिल है। इसके अलावा सीडीपीओ भर्ती परीक्षा भी रद्द की गई थी। जेपीएससी की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा पर भी इसका असर पड़ा है। वहीं फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती परीक्षा का विज्ञापन भी वापस ले लिया गया था। इन फैसलों के बाद से पूरी भर्ती प्रक्रिया रुक गई है।
अभ्यर्थियों ने कोर्ट में दायर की याचिकाएं
सरकारी आदेश के खिलाफ उम्मीदवारों के अलग-अलग समूहों ने याचिकाएं दाखिल की हैं। रमेश उरांव और अन्य अभ्यर्थियों ने सीजीएल परीक्षा रद्द करने को चुनौती दी है। सीडीपीओ परीक्षा के मामले में सुभाष मुर्मू और उनके साथियों ने याचिका लगाई है। जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने के खिलाफ दीपमाला, आशीष अक्षत और आकांक्षा मिंज ने अदालत का रुख किया है। वहीं फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती रद्द करने के फैसले को सौरभ सिंह और अन्य अभ्यर्थियों ने चुनौती दी है।
हजारों युवाओं के भविष्य का फैसला आज
इन सभी भर्तियों से राज्य के हजारों परीक्षार्थियों का भविष्य बंधा हुआ है। अचानक परीक्षाएं और विज्ञापन रद्द होने से छात्र लंबे समय से असमंजस में हैं। छात्रों की तैयारी और मेहनत पर पानी फिरने का खतरा मंडरा रहा है। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि अदालत से उन्हें न्याय मिलेगा। आज की सुनवाई में तय होगा कि भर्ती प्रक्रियाओं की आगे की दिशा क्या होगी। अदालत का निर्देश ही इन युवाओं का भविष्य तय करेगा।
जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में सुनवाई
यह पूरा मामला हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में सुनवाई के लिए लगा है। इससे पहले की सुनवाई में अदालत ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने सरकार को 7 सितंबर तक अपना रुख साफ करने को कहा था। हालांकि निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी सरकार की तरफ से जवाब दाखिल नहीं किया जा सका। दूसरी ओर जेपीएससी ने वकील संजय पिपरावाल के माध्यम से अपना हलफनामा दाखिल कर दिया है।

