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JSSC-CGL पेपर लीक मामले में दिल्ली से दो और गिरफ्तार,अब पैसों के लेनदेन की परतें खोलने में जुटी CID

JSSC-CGL पेपर लीक की जांच दिल्ली तक पहुंची, बिहार के दो आरोपी गिरफ्तार; ‘फॉलो द मनी’ पर CID का फोकस

by Kanchan Kumar
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रांची : झारखंड में जेएसएससी-सीजीएल (स्नातक स्तर) परीक्षा के पेपर लीक कांड में सीआईडी की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इस फर्जीवाड़े की तार अब देश की राजधानी दिल्ली तक जुड़ चुकी है। सीआईडी की टीम ने दिल्ली में छापेमारी कर फर्जीवाड़े से जुड़े दो नए आरोपियों को दबोचा है।
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सीआईडी की गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान सोमांश प्रकाश (निवासी: रोहतास, बिहार) और उसके साथी राहुल कुमार (निवासी: वैशाली, बिहार) के रूप में हुई है। ये दोनों लंबे समय से दिल्ली के बुराड़ी स्थित संत नगर के एक मकान में साथ रह रहे थे। रांची लाकर कोर्ट में पेश करने के बाद दोनों को होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल भेज दिया गया है। ​गौरतलब है कि ये दोनों सीधे तौर पर परीक्षा कराने वाली एजेंसी वेबेल टेक्नोलॉजी के कर्मचारी नहीं थे, बल्कि इस एजेंसी के साथ कॉन्ट्रैक्ट पर मिले कामों से जुड़े हुए थे।

पैसों का खेल और बैंक अकाउंट्स

सीआईडी की जांच में गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार कर लिया है कि परीक्षा पास कराने और पेपर सेटिंग के बदले मोटी रकम का लेनदेन हुआ था। इस कबूलनामे के बाद अब सीआईडी का पूरा फोकस ‘फॉलो द मनी’ अर्थात पैसों के पीछे की जांच पर है। एजेंसियां और उनसे जुड़े लोग एक-दूसरे को कितना और कैसे पैसा ट्रांसफर कर रहे थे, इसके वित्तीय रिकॉर्ड्स खंगाले जा रहे हैं।

​जांच के घेरे में 3 मुख्य एजेंसियां

​मेसर्स वेबेल टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड (JSSC CGL परीक्षा कराने वाली)
​मेसर्स TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (JPSC परीक्षा से जुड़ी)
​मेसर्स बिंसिस टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड (JPSC परीक्षा से जुड़ी)।

​इनमें से दो एजेंसियों के संचालकों पर गाज गिर चुकी है, जबकि वेबेल टेक्नोलॉजी से जुड़े मिथिलेश सिंह और उसके अन्य साथियों की तलाश में सीआईडी लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

​मामले की पूरी क्रोनोलॉजी

​21-22 सितंबर 2024 तक राज्यभर में JSSC CGL 2023 की परीक्षा आयोजित की गई। ​1 जनवरी 2025: पेपर लीक और गड़बड़ियों के आरोपों के बाद CID थाने में एफआईआर (कांड संख्या 01/2025) दर्ज कर औपचारिक जांच शुरू हुई। मामले के मुख्य सरगना अभय कुमार तिवारी के भाई अक्षय तिवारी और उसकी पत्नी सुषमा कुमारी को सीआईडी पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है।

​जेएसएससी और जेपीएससी जैसी राज्य की बड़ी परीक्षाओं में सेंधमारी करने वाले इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश करने के लिए सीआईडी का शिकंजा अब कसता ही जा रहा है। आने वाले दिनों में कुछ और बड़े चेहरों की गिरफ्तारी की आशंका जताई जा रही है। राहुल कुमार को गिरफ्तार किया है। अब जांच एजेंसी पैसों के लेनदेन और बैंक खातों की कड़ियां खंगाल रही है।

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