
खूंटी: नशीली दवाओं के बढ़ते चलन और इसकी तस्करी रोकने के लिए शनिवार को खूंटी में डालसा ने एक खास अभियान चलाया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने इस दौरान खूंटी जेल और हुटार के ‘सहयोग ग्राम’ बाल देखरेख संस्थान में एक साथ कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
यह पूरा कार्यक्रम झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार झालसा के आदेश और प्रधान जिला जज की देखरेख में हुआ। खूंटी जेल में हुए कार्यक्रम में डालसा के सचिव कमलेश बेहरा, मुख्य कानूनी सलाहकार राजीव कमल और डॉक्टर संजय कुजूर शामिल हुए। उन्होंने कैदियों को समझाया कि नशा कैसे इंसान के शरीर और दिमाग को खोखला कर देता है।
डॉक्टर कुजूर ने जोर देकर कहा कि अगर कोई नशे की लत में है, तो समय रहते उसका इलाज और सुधार बेहद जरूरी है। कैदियों को नशे से जुड़े कड़े कानूनों जैसे एनडीपीएस एक्ट, तंबाकू नियंत्रण कानून और ई-सिगरेट पर रोक से जुड़े नियमों की सरल भाषा में जानकारी दी गई। कैदियों को बताया गया कि वे जेल में मौजूद ‘लीगल एड क्लिनिक’ के जरिए सरकार से बिल्कुल मुफ्त में कानूनी मदद और वकील पा सकते हैं।
दूसरी तरफ, हुटार के बाल देखरेख संस्थान में शिक्षक चित्तरंजन और डालसा की टीम ने बच्चों और उनके माता-पिता से बात की। उन्होंने बच्चों को समझाया कि दोस्तों के दबाव में आकर कभी नशे की शुरुआत न करें। इसके अलावा बच्चों की सुरक्षा से जुड़े अधिकारों पर भी चर्चा की गई।
डालसा सचिव कमलेश बेहरा ने जिले के लोगों, खासकर युवाओं से अपील की है कि वे नशे से दूर रहें। अगर कहीं भी नशीले पदार्थों की तस्करी या बिक्री हो रही हो, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें।

