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Palamu News : झारखंड के इस गांव में मौत का रहस्य! एक ही परिवार के तीन लोगों की गई जान, वजह अब भी अज्ञात

स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में लगातार निगरानी कर रही है और बीमारी के कारणों की जांच में जुटी हुई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।

by Rakesh Pandey
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पलामू : झारखंड के पलामू जिले के पंडवा प्रखंड स्थित सिक्का गांव में अज्ञात बीमारी का कहर लगातार जारी है। शुक्रवार शाम एक ही परिवार की तीसरी सदस्य इंदु कुमारी की मौत हो गई। इससे पहले परिवार के मुखिया कुलदीप महतो और उनकी पुत्री बबीता की भी इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। लगातार हो रही मौतों से पूरे गांव में भय और दहशत का माहौल है।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग बीमारी के कारणों का पता लगाने में जुटे हैं, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर परिवार के सदस्य किस बीमारी की चपेट में आए हैं। वहीं, परिवार के दो अन्य सदस्य अभी भी गंभीर हालत में हैं।

एक ही परिवार के छह सदस्य हुए थे बीमार

जानकारी के अनुसार, 18 जून को सिक्का कला गांव में एक ही परिवार के छह सदस्य अचानक अज्ञात बीमारी की चपेट में आ गए थे। तबीयत बिगड़ने के बाद सभी को इलाज के लिए एमआरएमसीएच में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान सबसे पहले परिवार के मुखिया कुलदीप महतो और उनकी पुत्री बबीता की मौत हो गई। इसके बाद प्रशासन ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया और अन्य बीमार सदस्यों को बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स रेफर किया था।

इंदु कुमारी की भी हुई मौत

शुक्रवार शाम करीब सात बजे परिवार की सदस्य इंदु कुमारी ने भी दम तोड़ दिया। इसके साथ ही अज्ञात बीमारी से मरने वालों की संख्या इस परिवार में बढ़कर तीन हो गई है। इंदु कुमारी के शव को पोस्टमार्टम के लिए एमआरएमसीएच भेज दिया गया है। हालांकि, पहले मृत पिता और पुत्री की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है, जिससे बीमारी के कारणों पर अभी भी संशय बना हुआ है।

बेटा और पुत्रवधू की हालत गंभीर

ग्रामीणों के अनुसार, परिवार के बेटा और पुत्रवधू की हालत भी गंभीर बनी हुई है। आरोप है कि रिम्स में इलाज कराने के बजाय परिजन रमकंडा, लेस्लीगंज और आसपास के क्षेत्रों में झाड़-फूंक कराते रहे। गांव के लोगों का कहना है कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार समझाने के बावजूद परिवार आधुनिक चिकित्सा उपचार की बजाय झाड़-फूंक पर भरोसा करता रहा। यही कारण है कि समय पर उचित इलाज नहीं मिल सका।

1500 की आबादी वाले गांव में दहशत

करीब 1500 की आबादी वाले सिक्का गांव में लगातार हो रही मौतों से लोगों में डर का माहौल है। ग्रामीणों को आशंका है कि कहीं यह कोई संक्रामक बीमारी तो नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में लगातार निगरानी कर रही है और बीमारी के कारणों की जांच में जुटी हुई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय जांच के बाद ही बीमारी के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और गांव में आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

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