कोडरमा : झारखंड के कोडरमा जिले के झुमरीतिलैया में बुधवार को एक अनोखा और संवेदनशील मामला सामने आया। प्रसव के लिए अस्पताल जा रही एक महिला ने रास्ते में ही ई-रिक्शा में जुड़वा बच्चों को जन्म दे दिया। अचानक शुरू हुई प्रसव पीड़ा के कारण महिला अस्पताल तक नहीं पहुंच सकी और ई-रिक्शा ही अस्थायी प्रसव कक्ष बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि समय पर मिली चिकित्सकीय सहायता और सहायक नर्सिंग मिडवाइफरी (एएनएम) की तत्परता के कारण मां और दोनों नवजात पूरी तरह सुरक्षित हैं। घटना के बाद महिला और बच्चों को बेहतर इलाज एवं निगरानी के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया।
अस्पताल जाते समय शुरू हुई प्रसव पीड़ा
जानकारी के अनुसार महिला प्रसव के लिए अपने परिजनों के साथ ई-रिक्शा (टोटो) से एक निजी क्लीनिक जा रही थी। रास्ते में अचानक प्रसव पीड़ा तेज हो गई। स्थिति इतनी तेजी से बदली कि महिला ने ई-रिक्शा में ही पहले बच्चे को जन्म दे दिया। अचानक हुई इस घटना से आसपास मौजूद लोग भी हैरान रह गए और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
एएनएम की सूझबूझ से दूसरे बच्चे का सुरक्षित जन्म
इसी दौरान वहां से गुजर रही एएनएम प्रियंका कुमारी की नजर महिला पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने तत्काल मोर्चा संभाला और आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई। एएनएम ने ई-रिक्शा में ही महिला का दूसरा प्रसव सुरक्षित तरीके से कराया। उनकी तत्परता और अनुभव के कारण दूसरा नवजात भी सुरक्षित जन्म ले सका। स्थानीय लोगों ने भी इस दौरान सहयोग किया और महिला को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई।
एंबुलेंस से सदर अस्पताल भेजी गई मां और नवजात
दोनों बच्चों के जन्म के बाद एएनएम ने तुरंत एंबुलेंस की व्यवस्था कराई। इसके बाद महिला और दोनों नवजातों को आगे की जांच और उपचार के लिए कोडरमा सदर अस्पताल भेज दिया गया। स्वास्थ्यकर्मियों के अनुसार रास्ते में प्रसव होने के बावजूद मां और दोनों बच्चों की स्थिति सामान्य है। अस्पताल में उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है और चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
लोगों की भीड़ जुटी, सुरक्षित प्रसव की हुई सराहना
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की बड़ी संख्या मौके पर जुट गई। अचानक सड़क पर हुए प्रसव को देखकर लोग हैरान रह गए, लेकिन एएनएम की तत्परता और साहसिक भूमिका की सभी ने सराहना की। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि समय पर मिली सहायता के कारण किसी प्रकार की जटिलता नहीं हुई और मां सहित दोनों नवजात सुरक्षित हैं।

