
जमशेदपुर : रात में देर से खाना आज की बदलती लाइफस्टाइल का हिस्सा बन गया है। लेकिन रोजाना देर से डिनर करने की आदत पाचन, नींद और शरीर की दिनचर्या को प्रभावित कर सकती है। हालांकि इसका असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम, पढ़ाई, यात्रा, मोबाइल और लैपटॉप के बढ़ते इस्तेमाल के कारण कई लोग रात में देर से खाना खाते हैं। कुछ लोगों के लिए यह मजबूरी होती है, जबकि कुछ के लिए देर से खाना रोज की आदत बन जाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर रात में देर से खाना शरीर के लिए कितना सही है?
पाचन के लिए तुरंत सोना बन सकता है परेशानी
भोजन करने के बाद शरीर पाचन की प्रक्रिया शुरू करता है। अगर खाना खाने के तुरंत बाद बिस्तर पर चले जाएं, तो कुछ लोगों को पेट से जुड़ी असहजता महसूस हो सकती है। खासकर बहुत ज्यादा, तला-भुना, मसालेदार या भारी भोजन करने के बाद परेशानी बढ़ सकती है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के पूर्व अध्यक्ष और फिजिशियन डॉ. आर एल अग्रवाल के अनुसार, भोजन के बाद शरीर को पाचन के लिए कुछ समय देना बेहतर होता है। हर व्यक्ति की जरूरत और दिनचर्या अलग होती है, इसलिए केवल घड़ी देखकर खाने को अच्छा या बुरा नहीं कहा जा सकता।
देर रात खाना नींद को भी कर सकता है प्रभावित
रात में बहुत भारी भोजन करने के बाद कुछ लोगों को पेट में भारीपन, सीने में जलन, खट्टी डकार या पेट फूलने जैसी शिकायत हो सकती है। इन परेशानियों के कारण नींद बार-बार टूट सकती है या सोने में दिक्कत हो सकती है।
इसके अलावा देर रात भोजन के साथ चाय, कॉफी या अन्य कैफीन वाले पेय लेने की आदत भी कुछ लोगों की नींद को प्रभावित कर सकती है।
क्या देर रात खाना मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए नुकसानदायक है?
देर रात खाना और मेटाबॉलिज्म के बीच संबंध को लेकर चर्चा होती रही है। लेकिन केवल भोजन का समय देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि किसी व्यक्ति पर इसका निश्चित रूप से नकारात्मक असर पड़ेगा। कुल कैलोरी, भोजन की गुणवत्ता, शारीरिक गतिविधि, नींद और पूरी दिनचर्या भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसलिए अगर कोई व्यक्ति देर से खाना खाता है, लेकिन उसकी पूरी दिनचर्या संतुलित है, तो स्थिति उस व्यक्ति से अलग हो सकती है जो देर रात भारी भोजन करता है, शारीरिक गतिविधि कम करता है और पर्याप्त नींद भी नहीं लेता।
भूख लगे तो हल्का और संतुलित विकल्प चुनें
अगर रात में वास्तव में भूख लग रही है, तो केवल भूख को नजरअंदाज करके सोने की कोशिश करना जरूरी नहीं है। जरूरत के अनुसार हल्का और संतुलित भोजन लिया जा सकता है। रात में बहुत ज्यादा या भारी भोजन करने से बचना बेहतर हो सकता है।
खाने और सोने के बीच रखें पर्याप्त अंतर
स्वस्थ दिनचर्या के लिए कोशिश करें कि भोजन और सोने के समय में पर्याप्त अंतर रहे। खाना खाने के बाद कुछ समय सामान्य गतिविधियों में रहना और तुरंत बिस्तर पर जाने से बचना कई लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है।
हर व्यक्ति पर असर एक जैसा नहीं
देर रात खाना सभी लोगों के लिए समान रूप से नुकसानदायक नहीं कहा जा सकता। किसी व्यक्ति की उम्र, खान-पान, शारीरिक गतिविधि, नींद और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार इसका असर अलग हो सकता है। अगर देर रात खाना खाने के बाद बार-बार सीने में जलन, खट्टी डकार, पेट दर्द, पेट फूलना या नींद में परेशानी होती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में चिकित्सक से सलाह लेना बेहतर है।

