
जमशेदपुर : सुबह की शुरुआत एक कप कॉफी से करना बहुत से लोगों की आदत है। कॉफी पीने से ताजगी महसूस होती है और कुछ समय के लिए सुस्ती भी दूर हो जाती है। हालांकि, कई लोगों को कॉफी पीने के तुरंत बाद दिल की धड़कन तेज होने, घबराहट या बेचैनी जैसी परेशानी महसूस होती है। जमशेदपुर के जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष गुप्ता के अनुसार, इसके पीछे मुख्य रूप से कॉफी में मौजूद कैफीन जिम्मेदार हो सकता है। सामान्य मात्रा में यह प्रभाव कुछ समय बाद अपने आप कम हो जाता है, लेकिन बार-बार परेशानी होने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
कैफीन कैसे बढ़ाता है दिल की रफ्तार?
कॉफी में पाया जाने वाला कैफीन एक प्राकृतिक उत्तेजक पदार्थ है। यह मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम को सक्रिय करता है, जिससे व्यक्ति अधिक सतर्क और ऊर्जावान महसूस करता है। कैफीन शरीर में एड्रेनालिन हार्मोन के स्तर को भी बढ़ा सकता है। इसके कारण दिल की धड़कन और रक्तचाप अस्थायी रूप से बढ़ सकते हैं।
कैफीन शरीर में मौजूद एडेनोसिन नामक रसायन के प्रभाव को रोकता है। एडेनोसिन शरीर को आराम और नींद का अनुभव कराने में सहायता करता है। इसका असर कम होने पर व्यक्ति अधिक सक्रिय महसूस करता है, लेकिन कुछ लोगों में इससे घबराहट और धड़कन बढ़ने की शिकायत हो सकती है।
हर व्यक्ति पर अलग होता है असर
सामान्य अवस्था में वयस्क व्यक्ति का दिल एक मिनट में लगभग 60 से 100 बार धड़कता है। कॉफी पीने के बाद कुछ लोगों की हृदय गति थोड़ी बढ़ सकती है। डॉ. संतोष गुप्ता बताते हैं कि प्रत्येक व्यक्ति की कैफीन सहन करने की क्षमता अलग होती है। नियमित कॉफी पीने वालों पर इसका प्रभाव कम दिखाई दे सकता है, जबकि कभी-कभार कॉफी लेने वाले लोग ज्यादा संवेदनशील हो सकते हैं।
खाली पेट कॉफी बढ़ा सकती है परेशानी
खाली पेट कॉफी पीने से कैफीन तेजी से शरीर में पहुंच सकता है। इसके अलावा शरीर में पानी की कमी, पर्याप्त नींद न लेना, अत्यधिक तनाव और बहुत मीठी कॉफी पीना भी धड़कन बढ़ने की समस्या को गंभीर बना सकता है। इसलिए कॉफी पीने से पहले हल्का नाश्ता करना और दिनभर पर्याप्त पानी पीना बेहतर है।
इन संकेतों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज
यदि कॉफी पीने के बाद धड़कन के साथ सीने में दर्द, चक्कर, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक पसीना या बेहोशी जैसा अनुभव हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। पहले से हृदय रोग, अनियमित धड़कन, हाई ब्लड प्रेशर या अन्य गंभीर बीमारी वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह से ही कैफीन की मात्रा तय करनी चाहिए।
सीमित मात्रा में करें सेवन
डॉ. संतोष गुप्ता के अनुसार, कॉफी का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। शाम या रात में कॉफी लेने से बचें और डिकैफ कॉफी को विकल्प के रूप में चुन सकते हैं। यदि थोड़ी मात्रा में कॉफी पीने पर भी बार-बार धड़कन तेज होती है, तो हृदय रोग विशेषज्ञ से जांच कराना सबसे सुरक्षित कदम है।
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