गोरखपुर : वकीलों ने अधिवक्ता संशोधन बिल 2025 के खिलाफ प्रदर्शन किया। वकील सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बिल को तुरंत वापस लेने की मांग की। बार काउंसिल के आह्वान पर शहर के सभी वकील एकजुट हुए और न्यायिक कार्यों से दूर रहकर हड़ताल पर बैठ गए।
वकीलों का कहना है कि यह बिल उनके अधिकारों के खिलाफ है और उनके पेशे को कमजोर करने की साजिश है। उनका आरोप है कि सरकार इस बिल के माध्यम से उनके अधिकारों का उल्लंघन कर रही है और इसे लागू करके उनके भविष्य को अंधकार में धकेलना चाहती है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर यह बिल पास होता है, तो वकीलों की स्वतंत्रता को नुकसान पहुंचेगा और उनका पेशा संकट में पड़ जाएगा।
बार काउंसिल के निर्देश पर गोरखपुर के वकीलों ने एकदिवसीय हड़ताल की, जिससे जिले की सभी अदालतों में कामकाजी व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई। वकीलों ने कहा कि यह विरोध सिर्फ शुरुआत है और अगर सरकार ने उनकी मांगों को नजरअंदाज किया, तो उनका आंदोलन और बड़ा होगा।
वकीलों ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक सरकार इस बिल को वापस नहीं लेती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तो बार काउंसिल के निर्देश पर वे और कड़े कदम उठाएंगे। प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वे वकीलों के अधिकारों के खिलाफ कार्य कर रहे हैं और कहा कि वे किसी भी हालत में अपने अधिकारों से समझौता नहीं करेंगे।
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