
Ranchi : झारखंड में मानसून पूर्व सक्रिय मौसम अब गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में तीन महिलाएं और एक 10 वर्षीय बच्चा भी शामिल हैं। लगातार हो रही बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात की घटनाओं ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने भी राज्य के कई हिस्सों में खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है।
आकाशीय बिजली की इन घटनाओं ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि मानसून पूर्व की मौसमीय गतिविधियां ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए जोखिम पैदा कर रही हैं। प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है।
झारखंड के कई जिलों में वज्रपात बना मौत का कारण
राज्य के अलग-अलग जिलों से आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। अधिकांश घटनाएं ग्रामीण इलाकों में हुईं, जहां लोग खेतों, खुले स्थानों या दैनिक कार्यों में व्यस्त थे। अचानक मौसम बदलने, तेज गर्जना और बिजली गिरने से कई लोग इसकी चपेट में आ गए।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इन हादसों में सात लोगों की जान चली गई है। कुछ स्थानों पर लोगों के घायल होने की भी सूचना मिली है। स्थानीय प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति की निगरानी कर रहा है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
रांची में दो लोगों की मौत, ग्रामीण इलाकों में बढ़ी चिंता
राजधानी रांची भी वज्रपात की घटनाओं से अछूती नहीं रही। जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत और बचाव का प्रयास किया, लेकिन पीड़ितों की जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सबसे अधिक प्रभावित जिलों में रांची और गढ़वा शामिल हैं, जहां दो-दो लोगों की जान गई। रांची जिले के पिथोरिया थाना क्षेत्र के बड़हू गांव निवासी जीतू महली (55) और कटमकुली गांव की निराशा देवी (33) खेत में काम कर रहे थे, तभी अचानक बिजली गिरने से दोनों की मौत हो गई।
इन घटनाओं के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में भय और चिंता का माहौल है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों के भीतर रहने और अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है।
महिलाओं और बच्चे की मौत से बढ़ी चिंता
वज्रपात से जान गंवाने वालों में तीन महिलाएं और एक 10 वर्षीय बच्चा भी शामिल हैं। यह तथ्य इस प्राकृतिक आपदा की गंभीरता को दर्शाता है। कई पीड़ित अपने दैनिक कार्यों के दौरान खुले स्थानों पर मौजूद थे, तभी वे बिजली गिरने की चपेट में आ गए। हादसों के बाद मृतकों के परिवारों में शोक का माहौल है। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी प्रभावित परिवारों से संपर्क कर रहे हैं।
मौसम विभाग ने जारी किया वज्रपात और तेज बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग ने झारखंड के कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार मानसून पूर्व की गतिविधियों के कारण वातावरण में अस्थिरता बनी हुई है, जिससे वज्रपात की घटनाओं में वृद्धि हो सकती है।
प्रशासन ने लोगों से बरतने को कहा विशेष सावधानी
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों को गंभीरता से लेने की अपील की है। विशेष रूप से किसानों, खेतिहर मजदूरों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन द्वारा जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं, ताकि वज्रपात से होने वाली जनहानि को कम किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेना, खुले क्षेत्रों से दूर रहना और अनावश्यक यात्रा से बचना सबसे प्रभावी सुरक्षा उपाय हैं।

