प्रयागराज : महाकुंभ मेले के दौरान आग लगने की घटना फिर सामने आई हैं। इस बार आग सेक्टर-18 के शंकराचार्य मार्ग पर लगी, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पा लिया। महाकुंभ के दौरान इस प्रकार की तीसरी घटना बताई जा रही है। हालांकि राहत की बात यह है कि आग में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है और न ही किसी जान या माल की हानि होने की सूचना है।
आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं
दमकल विभाग की टीम ने आग पर पूरी मुस्तैदी से काबू पाया और किसी बड़े हादसे को टालने में सफलता प्राप्त की। फिलहाल आग लगने की वजह का पता नहीं चल पाया है, लेकिन फायर ब्रिगेड के अधिकारियों का कहना है कि आग को बुझाने के लिए हरसंभव प्रयास किया गया। यह घटना उस समय हुई जब महाकुंभ मेला अपने चरम पर था और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेला क्षेत्र में मौजूद थे।
पहले भी हो चुकी है आगजनी की घटना
यह आगजनी की घटना महाकुंभ मेले में पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले 30 जनवरी को महाकुंभ के सेक्टर-22 में भी एक बड़ी आग लग गई थी, जिसमें कई पंडाल जलकर राख हो गए थे। इस हादसे में 15 टेंट पूरी तरह जल गए थे, लेकिन समय रहते फायर ब्रिगेड के कर्मियों ने स्थिति पर काबू पा लिया और बड़ी दुर्घटना को होने से रोका।
इसके अलावा, महाकुंभ मेले के सेक्टर-2 में भी एक और घटना घटी थी, जहां दो कारों में अचानक आग लग गई थी। इस घटना के कारण मेला क्षेत्र में हड़कंप मच गया था, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई। समय रहते फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया और इस घटना से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
19 जनवरी को भी हुआ था एक और हादसा
इससे पहले 19 जनवरी को महाकुंभ मेले के सेक्टर-19 में भी एक और आगजनी की घटना हुई थी। यहां एक शिविर में रखे घास-फूस में आग लग गई, जिससे करीब 18 शिविर जलकर राख हो गए थे। हालांकि इस घटना में भी किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और फायर ब्रिगेड ने तत्काल कार्रवाई करके आग पर काबू पा लिया।
आग लगने की घटनाओं पर सवाल
महाकुंभ मेला एक बड़ा धार्मिक आयोजन है, जहां हर साल करोड़ों श्रद्धालु आते हैं। इन आगजनी की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, फायर ब्रिगेड और प्रशासन ने सभी घटनाओं में तुरंत प्रतिक्रिया दिखाई और किसी भी प्रकार की जनहानि को होने से बचाया, लेकिन इन घटनाओं से यह भी स्पष्ट होता है कि महाकुंभ जैसे बड़े आयोजन में सुरक्षा को लेकर और भी सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
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