
चक्रधरपुर : दक्षिण पूर्व रेलवे चक्रधरपुर रेल मंडल के मॉडल रेलवे स्टेशन के रूप में पहचान रखने वाले राउरकेला स्टेशन परिसर में महिला सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए आरपीएफ और जीआरपी की मौजूदगी और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के दावे किए जाते हैं, वहीं एक युवती से दुष्कर्म का आरोप सामने आया है। आरोप रेलवे के ही एक कर्मचारी पर है। आरोप है कि बेंगलुरु जाने के लिए राउरकेला स्टेशन पहुंची 20 साल की युवती को कन्फर्म टिकट दिलाने का झांसा देकर एक रेलकर्मी स्टेशन के परिसर में स्थित वाल्व रूम तक ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना का आरोप प्लेटफॉर्म नंबर-1 के चक्रधरपुर क्षोर पर ऑफिसर रेस्ट हाउस के समीप स्थित वाल्व रूम में लगाया गया है।ओडिशा के नुआपाड़ा जिले की रहने वाली पीड़ित युवती ने राउरकेला जीआरपी में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के बाद पुलिस युवती को कथित घटनास्थल पर लेकर पहुंची, जहां उसने वाल्व रूम की पहचान की। इसके बाद रेलवे से संबंधित कर्मचारी की जानकारी जुटाई गई। मौके पर पहुंचे आईओडब्ल्यू विभाग के वाल्व मैन कपिलेश्वर सिंह (54) की पहचान युवती ने आरोपी के रूप में की।
जीआरपी ने आरोपी रेलकर्मी को हिरासत में ले लिया है। युवती की मेडिकल जांच कराने के बाद पुलिस ने केस नंबर 126/2026 दर्ज करते हुए बीएनएस की धारा 64(2)(बी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
सुरक्षा के दावों के बीच स्टेशन के अंदर आखिर कैसे महिला यात्री बनी बलात्कार का शिकार
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी की सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है, तो प्लेटफॉर्म के समीप स्थित रेलवे परिसर के एक कमरे तक एक महिला यात्री को ले जाने की स्थिति आखिर कैसे बनी। क्या स्टेशन परिसर में रेलवे के कर्मचारियों की गतिविधियों की निगरानी नहीं होती। क्या महिला यात्रियों को मदद और सुरक्षा देने के लिए बनाई गई व्यवस्था सिर्फ कागजों तक सीमित है। और अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो क्या रेलवे परिसर के भीतर महिला यात्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी तय होगी। यह मामला सिर्फ एक युवती की शिकायत तक सीमित नहीं है, बल्कि रेलवे स्टेशनों पर महिला यात्रियों की सुरक्षा और सुरक्षा तंत्र की प्रभावशीलता पर सीधा सवाल खड़ा करता है।
चक्रधरपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी ने कहा है कि मामले की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और जांच में रेलकर्मी के दोषी पाए जाने पर रेलवे की ओर से भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले में जीआरपी कार्रवाई के बाद अब निगाहें आगे की जांच पर है। आरोप कितना सच है, इसका फैसला जांच और न्यायिक प्रक्रिया करेगी, लेकिन इस घटना ने रेलवे की महिला सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में जरूर खड़ा कर दिया है।

