Home » Chaibasa Hindi News : स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई : मंझारी में सड़क दुर्घटना के बाद घायल को नहीं मिली एंबुलेंस, भाड़े की गाड़ी को एंबुलेंस बनाकर चाईबासा लाया, उसके बाद जमशेदपुर गए

Chaibasa Hindi News : स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई : मंझारी में सड़क दुर्घटना के बाद घायल को नहीं मिली एंबुलेंस, भाड़े की गाड़ी को एंबुलेंस बनाकर चाईबासा लाया, उसके बाद जमशेदपुर गए

by Rajeshwar Pandey
Chaibasa Hindi News
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

चाईबासा : झारखंड में पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझारी प्रखंड के पिलका पंचायत में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें आशीष तांती नामक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाने के लिए परिवार वालों ने सरकारी एंबुलेंस 108 से मदद की गुहार लगाई, लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी एंबुलेंस नहीं मिली।

Chaibasa Hindi News : भाड़े की गाड़ी से इलाज तक का सफर

आखिरकार, परिवार वालों ने मजबूरन एक पैसेंजर गाड़ी को भाड़े पर लेकर उसे एंबुलेंस बनाया और घायल को सदर अस्पताल ले गए। इस दौरान उन्हें 3000 रुपये का डीजल भराना पड़ा। अस्पताल में इलाज के बाद घायल की हालत को देखते हुए उसे जमशेदपुर स्थित MGM अस्पताल रेफर कर दिया गया, लेकिन यहां भी एंबुलेंस नहीं मिली। मजबूरन फिर से भाड़े की गाड़ी का सहारा लेना पड़ा।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल

इस घटना से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। सरकार द्वारा एंबुलेंस सेवा के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है और उन्हें मजबूरन भाड़े की गाड़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है।

Chaibasa Hindi News : परिवार वालों की परेशानी

परिवार वालों ने बताया कि उन्हें भारी भरकम भाड़ा चुकाना पड़ेगा, जो उनके लिए बहुत बड़ी परेशानी है। उन्होंने कहा कि सरकार को स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके और उन्हें भाड़े की गाड़ियों का सहारा न लेना पड़े।

स्वास्थ्य व्यवस्था की एक बार फिर खुली पोल

इस घटना से स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई है। सरकार को चाहिए कि वह स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के लिए तत्काल कदम उठाए और मरीजों को समय पर इलाज मुहैया कराए। इसके साथ ही एंबुलेंस सेवा को भी सुदृढ़ किया जाए, ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके और उन्हें भाड़े की गाड़ियों का सहारा न लेना पड़े।

Read Also-XLRI : एक्सएलआरआई ने शुरू किया झारखंड इंडस्ट्रियल पॉलिसी लैब, लांच किया लाइव प्रोजेक्ट

Related Articles