सेंट्रल डेस्क, नई दिल्ली: Donald Trump के चुनावी सफर में बड़ी रुकावट आ रही है। अमेरिका के इस पूर्व राष्ट्रपति Donal Trump को कोर्ट ने एक बड़ा झटका दिया है। उन्हें 2024 के राष्ट्रपति चुनाव लड़ने से रोकने की बात कही है। दरअसल, कोलोराडो सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप को कैपिटल हिल दंगा मामले में अयोग्य ठहराया गया है। चलिए जानते है पूरा मामला क्या है।

Donald Trump सुप्रीम कोर्ट का फैसला
कोलोराडो सुप्रीम कोर्ट का निर्णय कहता है की आगामी चुनाव के लिए उन्हें अयोग्य ठहराया गया है। दरअसल, Donald Trump को कैपिटल हिल दंगा मामले में कोलोराडो सुप्रीम कोर्ट ने अयोग्य ठहराया है, जिससे उनकी 2024 के चुनाव में भाग लेने की संभावना पर विराम लगता दिख रहा है। वहीं बता दे कि कैपिटल हिल दंगा मामले वाला मामला 6 जनवरी 2021 का है। ऐसे में डोनाल्ड ट्रंपके पास अभी 4 जनवरी तक अपील करने की मोहलत है, जहां से उन्हें राहत मिलने उम्मीद की जा सकती है।
Donald Trump पर लगा हिंसा भड़काने का आरोप
कोर्ट ने निर्णय दिया है कि अमेरिकी संविधान के अनुसार, जो व्यक्ति यूएस सरकार के खिलाफ हिंसा भड़काने में अपनी भूमिका की वजह से आने वाले रिपब्लिकन नामांकन के लिए सबसे आगे रहता है, उसे चुनाव में भाग लेने से रोक देना उचित है। कोर्ट के इस राय के बाद अब डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव लड़ने पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
Donald Trump को राष्ट्रपति की उम्मीदवारी पर प्रभाव
कोर्ट Donald Trump को 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवारी नहीं करने देने पर विचार कर रहा है। कोलोराडो चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले को 5 जनवरी तक निपटाने की जरूरत होगी, ताकि 5 मार्च को होने वाली जीओपी प्राइमरी के लिए उम्मीदवारों की सूची निर्धारित करने की वैधानिक समय सीमा है।
क्या है कोर्ट का दावा
कोर्ट ने कहा कि उन्होंने कैपिटल हिल दंगा मामले में न केवल हिंसा को उकसाया, बल्कि उन्होंने हमले के समय भी यूएस सरकार के खिलाफ हिंसा भड़काने में अपनी भूमिका खुद स्थापित की थी। ट्रंप ने चुनावी विरोध करते हुए सिनेटरों को वोटों की गिनती में रुकावट डालने के लिए भी सांसदों को बुलाया था। इस निर्णय से पहले ट्रंप ने अपने ऑफिशियल एकाउंट के माध्यम से कहा था कि उन्हें यह निर्णय स्वीकार नहीं है और उनकी टीम इसे अपील करेगी। हालांकि, आगामी दिनों में कैपिटल हिल दंगा मामले में उनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय रहेगा कि क्या उन्हें चुनाव में भाग लेने की अनुमति रहेगी या नहीं।
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