
पलामू: झारखंड में प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (TSPC) के सब जोनल कमांडर गौतम यादव को पलामू पुलिस ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी से गिरफ्तार किया है। गौतम यादव 15 मई को पलामू के मनातू थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान पेट में गोली लगने के बाद वाराणसी में बदले नाम “मिथिलेश यादव” से इलाज करवा रहा था।
वाराणसी में नाम बदलकर करा रहा था इलाज
पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि घायल नक्सली गौतम यादव इलाज के लिए वाराणसी में है। एएसपी अभियान राकेश सिंह के नेतृत्व में पलामू पुलिस की एक टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अस्पताल पहुंचकर उसकी पहचान और गिरफ्तारी सुनिश्चित की। गौतम यादव को मुठभेड़ में गोली लगी थी। वह नाम बदलकर वाराणसी में इलाज करवा रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
गौतम यादव पर दर्ज हैं एक दर्जन से अधिक नक्सली मामले
गौतम यादव पर पलामू और चतरा जिले में एक दर्जन से अधिक नक्सली घटनाओं में संलिप्तता का आरोप है। वह लंबे समय से टीएसपीसी के लिए सक्रिय सब जोनल कमांडर के तौर पर कार्यरत था।
नक्सली शशिकांत गंझू करवा रहा था इलाज का बंदोबस्त
पुलिस जांच में सामने आया है कि टीएसपीसी का टॉप कमांडर शशिकांत गंझू, जो 10 लाख का इनामी है, ने गौतम के इलाज और भागने की पूरी व्यवस्था की थी। उसने ही एक प्राइवेट गाड़ी और नजदीकी रिश्तेदार की मदद से उसे वाराणसी भिजवाया था।
गौतम यादव की गिरफ्तारी से कई अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद
एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया कि गौतम यादव की गिरफ्तारी के बाद मुठभेड़ से जुड़ी कई जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर आगे भी नक्सल विरोधी अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि गौतम यादव के खिलाफ जारी कार्रवाई में सहयोगियों को भी चिन्हित किया जा रहा है। यह कार्रवाई नक्सल नेटवर्क को तोड़ने में मदद करेगी।

