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Pakistan National Assembly: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज की सलाह पर राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने रात 1 बजे भंग की नेशनल असेंबली, नए चुनाव का रास्ता साफ

by Rakesh Pandey
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इस्लामाबाद: पाकिस्तान की संसद (Pakistan National Assembly) को पांच साल का कार्यकाल पूरा होने से ठीक तीन दिन पहले ही भंग कर दिया गया है। बुधवार देर रात निवर्तमान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की नेशनल असेंबली भंग करने की सिफारिश को राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने मंजूर कर लिया।
इसकी जानकारी पाकिस्तान के राष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी जिसमें बताया गया कि राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 58 के तहत प्रधानमंत्री की सलाह पर नेशनल असेंबली को भंग कर दिया है। इसके साथ ही वर्तमान सरकार का कार्यकाल समाप्त हो गया है और पाकिस्तान में अगले आम चुनाव का रास्ता साफ हो गया। अब इस पड़ोसी देश में नई निर्वाचित सरकार के गठन तक कार्यवाहक सरकार पाकिस्तान की सत्ता संभालेगी।

मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार रात ही संसद भंग करने की सिफारिश राष्ट्रपति अल्वी के पास भेजी थी। जसे राष्ट्रपति अल्वी ने बिना देरी किए स्वीकार्य कर लिया। विदित हो कि इससे कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को एक मामले में कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई है जिसकी वजह से वे जेल में बंद है। जानकार बताते हैं कि शहबाज सरीफ सरकार चाह रही है कि इमरान खान के जेल में रहते ही नया आम चुनाव संपन्न हो जाए।

अब चुनाव कराने के लिए आयोग के पास होगा तीन महीने का समय:

वहीं सरकार के इस फैसले के बाद तकनीकी आधार पर अब पाकिस्तान में चुनाव कराने की समय सीमा दो महीने से बढ़कर तीन महीने हो जाएगी। जानकार बताते हैं कि पाकिस्तान में नियम है कि यदि नेशनल असेंबली अपना कार्यकाल पूरा करती है तो चुनाव आयोग को दो महीने के अंदर देश में चुनाव कराने होंगे। लेकिन यदि असेंबली अपना कार्यकाल पूरा किए बिना ही भंग हो जाती हैं तो आयोग के सामने 90 दिन में चुनाव कराने की बाध्यता होती है। यानी ऐसी स्थिति में आयोग को चुनाव कराने के लिए 30 अतिरिक्त दिन मिल जाते हैं। पाकिस्तार में राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कार्यकाल पूरा होने से तीन दिन पहले ही संसद भंग हो गई। ऐसे में अब यहां के चुनाव आयोग को आम चुनाव कराने के लिए 30 अतिरिक्त दिन का समय मिल गया है। कहा जा रहा है कि सरकार ने ऐसा जानबूझकर किया है। ताकि उसके चुनाव की तैयारियों में जुटने का अधिक से अधिक समय मिल सके।

 

विपक्षी पार्टियां जल्द से जल्द चुनाव कराना चाहती हैं:

हालांकि अगर पाकिस्तान के विपक्षी पार्टियों की बात करें तो वह देश में जल्द से जल्द चुनाव कराए जाने की मांग कर रही हैं। पाकिस्तार के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ ने मांग की है कि अब जब National Assembly भंग हो चुका है तो देश में जल्द से जल्द चुनाव कराना चाहिए। वहीं पाकिस्तान मुस्लिम लीग के नेतृत्व वाला सत्तारूढ़ गठबंधन चुनावी प्रक्रिया लंबा चले यह जाह रहा है ।

पाकिस्तान में कार्यवाहक सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू:

पाकिस्त में अब कार्यवाहक सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कहा जा रहा है कि इसी सप्ताह इस प्रक्रिया को पूरा कर लिए जाने की योजना है और देश में कार्यवाहक सरकार काम करने लगेगी। क्योंकि पाकिस्तान में नियम है कि चुनाव तटस्थ सरकार के जरिए ही कराए जाते हैं । इसलिए National Assembly के पांच साल का कार्यकाल खत्म होने के बाद नए सिरे से कार्यवाहक सरकार चुनी जाती है।

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