नई दिल्ली : केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्ष की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव (Confidence Motion) पर लोकसभा में हो रही परिचर्चा का गुरूवार को तीसरा व अंतिम दिन है। कहा जा रहा है कि मणिपुर हिंसा को लेकर विपक्ष द्वारा केंद्र सरकार के खिलाफ संसद में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर पीएम मोदी आज जवाब देंगे। इसके बाद वोटिंग होगी।
केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने एक दिन पहले इसकी पुष्टि की थी। इस दौरान पीएम मोदी विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब देंगे और उनपर खुद भी हमला बोलेंगे। पीएम मोदी के संबोधन का जो समय बताया जा रहा है वह शाम चार बजे का है। इस दौरान पीएम मोदी सदन में अपनी बात रखेंगे। इसके बाद इस पर वोटिंग होगी। विदित हो कि 26 जुलाई को मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। जिसे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने तुरंत स्वीकार कर लिया था।
जानिए अब तक इस चर्चा में क्या हुआ है:
Confidence Motion(अविश्वास प्रस्ताव) पर चर्चा की शुरुआत कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने मंगलवार की थी। भाजपा की ओर से आरोपों के जवाब को देने का सिलसिला सांसद निशिकांत दूबे ने शुरू किया। वहीं दूसरे दिन बुधवार का कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोला था और उन्होंने नरेंद्रमादी सरकार पर मणिपुर को बांटने का आरोप लगाया था। जिसका जवाब केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी व गृहमंत्री अमित शाह ने दिया था। अमित शाह ने मणिपुर घटना को सिलसिलेवार ढंग से संसद के पटल पर रखा था। इस दौरान दोनों पक्षों में नोकझोक देखने को मिला यहां तक की एनडीए की करीब 20 महिला सांसदों ने राहुल गांधी पर संसद में फ्लाइंग किस देने का आरोप लगाया थ।
जानिए क्या होता है अविश्वास प्रस्ताव:
Confidence Motion की बात करें तो इसे, 50 सांसदों के समर्थन के साथ कोई भी लोकसभा सांसद पेश कर सकता है। अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने के बाद सदन में चर्चा की जाती है। विपक्ष सदन में सरकार की कमियों को गिनाते हैं। सत्ता पक्ष के सांसद इसपर जवाब देते हैं। अंत में मतदान किया जाता है। यदि अविश्वास प्रस्ताव सफल हो जाता है तो सरकार गिर जाती है।
यह नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ दूसरी बार अविश्वास प्रस्ताव पेश
अगर Confidence Motion लाए जाने की बात करें तो यह नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ दूसरा अविश्वास प्रस्ताव है। इससे पहले इस सरकार के खिलाफ आंध्र प्रदेश के मुद्दे पर 2018 में पेश किया गया था। हालांकि उस समय नरेंद्रमादी के नेतृत्ववाली भाजपा सरकार ने आसानी से बहुमत हासिल कर लिया था और जानकार बताते हैं कि इसबार भी मोदी को महुमत हासिल करने में दिक्कत नहीं होने वाली है। क्योंकि एनडीए के कुल 331 सांसद हैं। इनमें से 303 सांसद भाजपा के हैं। वहीं विपक्षी खेमें में सिर्फ 144 सांसद ही हैं। वहीं, अन्य 70 सांसद हैं। मोदी सरकार को दूसरी बार संसद में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जाएगा।

