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Ranchi News : ग्राम सभा की मंजूरी के बिना धरातल पर नहीं उतरेंगी योजनाएं, पेसा नियमावली 2025 से बढ़े अधिकार

एक महीने तक अगर ग्राम सभा के कोई फैसला नहीं लेने पर स्वीकृत मानी जाएगी स्कीम

by Mujtaba Haider Rizvi
PESA Act empowers tribal self-governance in India
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Ranchi : अनुसूचित क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर ग्राम सभा और पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका और अधिक मजबूत कर दी गई है। अब त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं की अनुमति के बिना किसी भी सरकारी योजना या परियोजना को लागू नहीं किया जा सकेगा। यह प्रावधान राज्य कैबिनेट से पारित पेसा नियमावली 2025 में किया गया है।

नियमावली के अनुसार, योजनाओं को लागू करने की अनुमति उसके भौगोलिक दायरे के आधार पर ली जाएगी। यदि योजना ग्राम स्तर से जुड़ी है तो ग्राम सभा की सहमति आवश्यक होगी, पंचायत स्तर की योजना के लिए पंचायत समिति और जिला स्तर की योजना के लिए जिला परिषद की मंजूरी लेनी होगी। हालांकि यदि ग्राम सभा 30 दिनों के भीतर किसी योजना पर निर्णय नहीं लेती है, तो उसे स्वीकृत माना जाएगा।

गांवों के विकास की योजनाओं को व्यवस्थित तरीके से तैयार करने के लिए उपायुक्त की अध्यक्षता में वार्षिक या अर्धवार्षिक आधार पर एक मल्टी डिसिप्लिनरी टीम (एमडीटी) का गठन किया जाएगा। यह टीम ग्राम सभा के साथ विचार-विमर्श कर विकास योजनाएं तैयार करेगी और संबंधित योजनाओं से होने वाले लाभ, लागत और उद्देश्य की जानकारी ग्रामीणों को देगी।

एमडीटी द्वारा तैयार योजना को पारंपरिक ग्राम सभा के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इस दस्तावेज में योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया, प्रत्येक चरण की लागत, धन के स्रोत, ठेकेदार की भूमिका और स्थानीय श्रमिकों के उपयोग का पूरा विवरण शामिल होगा।

ग्राम सभा को योजना पर निर्णय लेने के लिए 30 दिनों की समय सीमा दी गई है। इस अवधि में ग्राम सभा योजना को स्वीकृति दे सकती है, उस पर शर्तें लगा सकती है या संशोधन का सुझाव दे सकती है। यदि सुनवाई के दौरान निर्णय नहीं हो पाता है, तो ग्राम सभा जिला विकास आयुक्त से अतिरिक्त 30 दिनों का समय मांग सकती है।

पेसा नियमावली में पारंपरिक ग्राम सभा को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं में लाभुकों के चयन का भी अधिकार दिया गया है। लाभुकों का चयन सरकार द्वारा तय मापदंडों के आधार पर ग्राम सभा करेगी। विशेष परिस्थितियों में, जैसे किसी परिवार की अत्यंत खराब आर्थिक स्थिति या गंभीर बीमारी की दशा में, ग्राम सभा सर्वसम्मति से मापदंडों में बदलाव कर योजना का लाभ दे सकती है।

इस नई व्यवस्था से झारखंड के अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम स्वशासन को मजबूती मिलने और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

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