
Jamshedpur (Jharkhand) : कई दिनों की विचार-विमर्श और गहमागहमी के बाद टुइलाडुंगरी गुरुद्वारा साहिब को आखिरकार एक युवा, ऊर्जावान और सर्वसम्मति से चयनित प्रधान के रूप में सरदार सतबीर सिंह सत्ते मिल गए हैं। इस नियुक्ति ने न केवल संस्थागत स्थिरता को बल दिया बल्कि संगत के बीच एकता और परस्पर सहयोग का सुंदर उदाहरण भी प्रस्तुत किया।
Gurudwara New Pradhan : नाम वापसी और समर्थन से बना सर्वसम्मति का माहौल
गुरुवार को आयोजित बैठक में तीन प्रत्याशियों सरदार रणजीत सिंह, सरदार जसबीर सिंह बोजा, और सरदार सतबीर सिंह सत्ते ने अपना नामांकन दाखिल किया था। परंतु स्वास्थ्य कारणों से रणजीत सिंह ने चुनाव से नाम वापस ले लिया और फिर जसबीर सिंह बोजा ने रणजीत सिंह से वार्ता के उपरांत अपना समर्थन सतबीर सिंह सत्ते को दे दिया। इस प्रकार सतबीर सिंह सत्ते सर्वसम्मति से एकमात्र प्रत्याशी रह गए और उन्हें आगामी 2025 से 2028 तक के कार्यकाल के लिए गुरुद्वारा का प्रधान नियुक्त किया गया।
Gurudwara New Pradhan : CGPC ने किया औपचारिक ऐलान और सम्मान
ट्रस्टी सरदार रणजीत सिंह ने पूरी सहमति प्रक्रिया को न केवल संयोजित किया, बल्कि सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (CGPC) को आमंत्रित कर औपचारिक नियुक्ति की प्रक्रिया भी पूरी करवाई।
CGPC अध्यक्ष सरदार भगवान सिंह के नेतृत्व में चेयरमैन गुरमीत सिंह तोते, वरिष्ठ उपाध्यक्ष चंचल सिंह, महामंत्री अमरजीत सिंह, सुखदेव सिंह बिट्टू, परविंदर सिंह सोहल, गुरनाम सिंह बेदी, सुरजीत सिंह, सुरजीत सिंह खुशीपुर और सरबजीत सिंह ग्रेवाल सहित अन्य पदाधिकारियों ने संगत की उपस्थिति में सतबीर सिंह सत्ते को सम्मानित किया।
एक उदाहरण बनी यह प्रक्रिया
CGPC अध्यक्ष सरदार भगवान सिंह ने कहा, “आज की यह प्रक्रिया समाज में लोकतांत्रिक एकता और आपसी सहमति का उदाहरण बन गई है। तीनों प्रत्याशियों द्वारा परस्पर सम्मान के साथ लिए गए इस निर्णय की सराहना की जानी चाहिए।”
Gurudwara New Pradhan : सतबीर सिंह सत्ते ने जताया आभार
नवनियुक्त प्रधान सतबीर सिंह सत्ते ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे सभी को साथ लेकर चलने और समर्पण भाव से सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने संगत का विश्वास जीतने और सामूहिक नेतृत्व की भावना को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया। समापन पर CGPC के महामंत्री अमरजीत सिंह और सुरजीत सिंह खुशीपुर ने सभी संगत, ट्रस्टियों और पदाधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापन कर कार्यक्रम को विराम दिया।

