
रांची : झारखंड की सियासत में अपनी स्थिति मजबूत करने और सत्ता में वापसी के सपने को साकार करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अभी से कमर कस ली है। पार्टी का पूरा फोकस ‘मिशन 2029’ पर है, जिसके लिए एक व्यापक और असरदार रणनीति तैयार की जा रही है। इसी सिलसिले में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 23 अक्टूबर को दो दिवसीय दौरे पर रांची पहुंच रहे हैं।
अपने प्रवास के दौरान नितिन नबीन 24 और 25 अक्टूबर को रांची में होने जा रही झारखंड प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शामिल होंगे। उनके इस दौरे को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं और नेताओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है। दौरे को पूरी तरह सफल और असरदार बनाने के लिए प्रदेश संगठन में अंदरूनी बैठकों और तैयारियों का दौर लगातार जारी है। पार्टी के राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री सौदान सिंह खुद रांची में मौजूद रहकर व्यवस्था और तैयारियों पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं।
कार्यकर्ताओं को मिलेगा जीत का नया मंत्र
तय कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष 23 अक्टूबर की शाम रांची पहुंचेंगे। इसके बाद 24 अक्टूबर को वे प्रदेश कार्यसमिति बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। इस संबोधन के ज़रिए वे प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं, जन प्रतिनिधियों और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को धरातल पर मजबूत बनाना, कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाना और पार्टी के भावी कार्यक्रमों को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। दो दिनों तक चलने वाले इस मंथन में पिछले कामकाज की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य की राजनीतिक और संगठनात्मक रूपरेखा भी तय की जाएगी।
2029 के लिए अभी से बिछने लगी सियासी बिसात
साल 2014 के बाद से ही बीजेपी झारखंड की सत्ता से बाहर है। लगातार दो विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद अब पार्टी कोई भी कसर छोड़ने के मूड में नहीं है। यही वजह है कि 2029 के चुनाव को केंद्र में रखकर कार्यकर्ताओं को अभी से जनता के बीच जाकर उनका भरोसा जीतने का निर्देश दिया जा रहा है।
इस महत्वपूर्ण दौरे पर पार्टी की बात रखते हुए प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन का यह दूसरा झारखंड दौरा है, जो पार्टी के नजरिए से बेहद मायने रखता है। झारखंड से उनका पुराना और गहरा लगाव रहा है। वे पहले भी कार्यकर्ताओं के बीच सहजता से मिलते-जुलते रहे हैं।
प्रवक्ता के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व का स्पष्ट मानना है कि जिस बीजेपी ने झारखंड राज्य का निर्माण किया था, आज वहां की जनता मौजूदा परिस्थितियों से परेशान है। ऐसे में एक मजबूत ‘ब्लूप्रिंट’ तैयार कर संगठन को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि आगामी चुनाव में बीजेपी मजबूती से वापसी कर सके। रांची की इस कार्यसमिति बैठक से पार्टी पूरे राज्य में एक नया राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश करेगी।
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