
रांची : दिशोम गुरु शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। झारखंड आंदोलन के पुरोधा और जन-जन के प्रिय नेता शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर पूरा राज्य उन्हें याद कर रहा है। गुरुजी के पैतृक गांव रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड अंतर्गत नेमरा में आयोजित विशेष श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में नेता- अधिकारी तथा राज्य के गणमान्य लोग पहुंचे।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता की भव्य आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर रूपी सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन सहित सरकार के कई मंत्री और राज्यभर से पहुंचे हजारों समर्थकों ने गुरुजी को नमन किया। प्रतिमा अनावरण के पश्चात दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
नेमरा में बिखरी यादें,हर आंख हुई नम
गांव में आयोजित इस ऐतिहासिक समारोह में हर तरफ गुरुजी की यादें तैरती रहीं। गांव के रास्तों से लेकर मुख्य मंच तक, हजारों लोगों की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि दिशोम गुरु का स्थान आज भी लोगों के दिलों में कितना गहरा है। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि शिबू सोरेन महज एक राजनेता नहीं, बल्कि आदिवासी-मूलवासी अस्मिता और जल-जंगल-जमीन की लड़ाई के सबसे बड़े ध्वजवाहक थे।
युवाओं को दिखाई नई राह
नेताओं ने गुरुजी के त्याग और संघर्ष को याद करते हुए कहा कि आज जिस झारखंड में हम सांस ले रहे हैं, उसकी नींव शिबू सोरेन के अथक प्रयासों से ही रखी गई थी। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे दिशोम गुरु की विचारधारा और उनके सिद्धांतों को आगे बढ़ाएं। पूरे कार्यक्रम के दौरान माहौल बेहद भावुक रहा, जहां राज्य के कोने-कोने से आए लोगों ने शिबू सोरेन के साथ बिताए लम्हों और उनके आंदोलनों को याद किया।

