रांची: झारखंड के एसटी, एससी और ओबीसी कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने स्कूली बच्चों को दिये जाने वाले जूतों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किये हैं। उन्होंने इस मामले में सख्त कदम उठाते हुए गुमला के कल्याण पदाधिकारी को शो-कॉज नोटिस जारी किया और जूता आपूर्तिकर्ता को ब्लैकलिस्ट करने का आदेश दिया है।
जूते की खराब गुणवत्ता पर सख्ती
मंत्री लिंडा ने पाया कि स्कूली बच्चों को लेदर की जगह रेक्सीन के जूते दिये जा रहे हैं, जो जल्दी फट जाते हैं। उन्होंने आदिवासी कल्याण आयुक्त से इस मुद्दे पर सवाल पूछते हुए कहा कि बच्चों को कम गुणवत्ता वाले जूते क्यों दिये जा रहे हैं।
ब्लैकलिस्ट और भुगतान रोकने का आदेश
मंत्री ने गुमला में जूता आपूर्तिकर्ता को ब्लैकलिस्ट करने और उनके भुगतान को रोकने का निर्देश दिया। इसके अलावा, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो संबंधित अधिकारियों और आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जायेगी।
जूता लेकर पहुंचे आयुक्त के पास
मंत्री लिंडा ने आदिवासी कल्याण आयुक्त के पास पहुंचकर जूता दिखाया और बताया कि यह रेक्सीन का बना हुआ है, जो तुरंत फट गया। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण सामग्री सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
भविष्य में कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
मंत्री ने अधिकारियों और आपूर्तिकर्ताओं को स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर बच्चों को दी जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी।

