रांची: पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में अब झारखंड कनेक्शन भी सामने आया है। मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस दिशा में अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। जांच में पता चला है कि हत्या में इस्तेमाल की गई कार का संबंध झारखंड से है। इसके बाद एजेंसी कई राज्यों में एक साथ जांच अभियान चला रही है।
सीबीआई की विशेष टीम में दिल्ली, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के अधिकारी शामिल हैं। जांच टीम का नेतृत्व सीबीआई दिल्ली के डीआईजी पंकज कुमार सिंह कर रहे हैं। टीम में विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी और जांचकर्ता शामिल किए गए हैं, जो मामले के अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रहे हैं।
बिहार और उत्तर प्रदेश से कुछ शूटर हो चुके हैं गिरफ्तार
जानकारी के अनुसार चंद्रनाथ रथ की हत्या छह मई की रात पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में हुई थी। इस मामले में सात मई को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान बिहार और उत्तर प्रदेश से कुछ शूटरों को गिरफ्तार किया गया है।
शूटर ने धनबाद इलाके से ली थी कार
सीबीआई को जांच में पता चला है कि बिहार के बक्सर से पकड़े गए आरोपी मयंक राज मिश्रा ने जिस कार का इस्तेमाल किया था, वह झारखंड के धनबाद इलाके से ली गई थी। एजेंसी को यह भी जानकारी मिली है कि वारदात के बाद कार से सबूत मिटाने की कोशिश की गई। अब सीबीआई यह पता लगाने में जुटी है कि कार शूटरों तक कैसे पहुंची और इसमें किन लोगों की भूमिका थी।
सिग्नल ऐप का किया था इस्तेमाल
जांच में यह भी सामने आया है कि अपराधियों ने चंद्रनाथ रथ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ‘सिग्नल’ ऐप का इस्तेमाल किया था। इसी माध्यम से उनकी लोकेशन और मूवमेंट की जानकारी जुटाई गई और फिर हत्या की साजिश को अंजाम दिया गया।
सीबीआई को यह भी जानकारी मिली है कि इस हत्याकांड के लिए करीब 70 लाख रुपये की फंडिंग की गई थी। हत्या में अत्याधुनिक विदेशी पिस्टल के इस्तेमाल की भी बात सामने आई है। फिलहाल एजेंसी पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और कई संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
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