जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के जिला मुख्यालय स्थित जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे स्टेशन पर नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है। शुक्रवार देर रात चलाए गए विशेष छापेमारी अभियान में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी की संयुक्त टीम ने दो तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से करीब 15 किलो गांजा बरामद किया। जब्त गांजा की कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। इस कार्रवाई को रेलवे मार्ग से हो रही ड्रग्स तस्करी पर बड़ी रोक के रूप में देखा जा रहा है।
टाटानगर रेलवे स्टेशन पर छापेमारी : कैसे पकड़े गए तस्कर
यह कार्रवाई टाटानगर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ पोस्ट प्रभारी एस.के. साव और रेल एसपी अजीत कुमार के नेतृत्व में की गई। अधिकारियों को पहले से गुप्त सूचना मिली थी कि ट्रेन के जरिए गांजा की खेप स्टेशन पर पहुंचने वाली है। सूचना के आधार पर स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाया गया।
जांच के दौरान संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त दो व्यक्तियों को रोका गया। तलाशी लेने पर उनके पास से बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ, जिसके बाद उन्हें तत्काल हिरासत में ले लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी बिहार के नवादा के रहने वाले
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान नवादा जिले के रजौली निवासी उपेंद्र कुमार (38) और विनोद साव (55) के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इस गांजा की खेप को दूसरे राज्य तक पहुंचाने की योजना बना रहे थे।
ड्रग्स तस्करी नेटवर्क की जांच तेज
पुलिस अब इस मामले में गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस तस्करी के पीछे कौन सा संगठित गिरोह सक्रिय है और इसका नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। बरामद गांजा को विधिवत जब्त कर सील कर दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
ऑपरेशन नार्कोस के तहत कार्रवाई, अभियान रहेगा जारी
अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई ऑपरेशन नार्कोस के तहत की गई है। इस अभियान का उद्देश्य रेलवे मार्ग से हो रही नशीले पदार्थों की तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाना है।

