चाईबासा : टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत रविवार को सदर अस्पताल चाईबासा के कुपोषण उपचार केंद्र में 100 टीबी मरीजों के बीच पोषण युक्त फूड बास्केट का वितरण किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला उपायुक्त मनीष कुमार ने किया। इस दौरान उपायुक्त मनीष कुमार ने निक्षय मित्र बनकर 51 टीबी मरीजों को गोद लिया। उनके अलावा सिविल सर्जन ने 11, सदर अंचल अधिकारी ने 11, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद ने 04, सदर अस्पताल उपाधीक्षक ने 05, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी ने 05, एनएचएम डीडीएम ने 05 और डिस्ट्रिक्ट एपिडेमियोलॉजिस्ट ने 05 मरीजों को गोद लेकर फूड बास्केट उपलब्ध कराया।
टीबी मुक्त भारत जन आंदोलन है: उपायुक्त
मरीजों को संबोधित करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं है। यह समाज के हर जिम्मेदार नागरिक की सहभागिता से चलने वाला जन आंदोलन है। उन्होंने सभी टीबी मरीजों से नियमित दवा सेवन, समय पर जांच और पोषक आहार लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि निर्धारित उपचार अवधि का पूरा पालन करके ही टीबी को खत्म किया जा सकता है। उपायुक्त ने कहा कि टीबी मरीजों को केवल इलाज ही नहीं, सामाजिक सहयोग और पोषण समर्थन की भी जरूरत होती है। इसी उद्देश्य से निक्षय मित्र पहल के तहत मरीजों को फूड बास्केट दिया जा रहा है। इससे उपचार के दौरान उन्हें जरूरी पोषण मिल सकेगा।
निक्षय मित्र बनने की अपील
उपायुक्त ने जिले के सभी प्रशासनिक पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और प्रबुद्ध नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में निक्षय मित्र बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों को गोद लेकर नियमित फूड बास्केट और पोषण सहयोग दें। इससे मरीज जल्दी स्वस्थ होकर परिवार और समाज के विकास में योगदान दे सकेंगे।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की सहभागिता से जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संदीप अनुराग टोपनो, सदर अंचलाधिकारी उपेंद्र कुमार, सीएचसी प्रभारी डॉ. जगन्नाथ हेम्ब्रम, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी फ्रांसिस कुजूर, नगर परिषद प्रशासक संतोषणी मुर्मू सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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