जमशेदपुर : लौहनगरी में ईद की तैयारी तेज हो गई है। चांद के हिसाब से ईद 31 मार्च या एक अप्रैल को होगी। अधिक संभावना है कि 31 मार्च को ईद हो जाएगी। जमशेदपुर में ईद का बाजार सज गया है। मानगो के दो नंबर रोड और ओल्ड पुरुलिया रोड पर हर साल लगने वाला ईद का खास बाजार लग गया है। यहां दुकानों की भरमार है। कपड़े, सेवइयां, लच्छे, फुटवियर, बर्तन, सजावट का सामान, नकाब, टोपी आदि ईद को लेकर खरीदी जाने वाली सभी चीजों की दुकानें यहां खुल गई हैं।
ईद के मौके पर सेवइयों की खरीदारी शुरू हो गई है और इस बार खास तौर पर ईरानी शीर खुर्मा सेवईं की धूम है। यह सेवईं पाकिस्तान के कराची होते हुए जमशेदपुर पहुंची है। शीर खुरमा सेवई की मांग बहुत बढ़ गई है। स्थानीय और ब्रांडेड सेवइयों के साथ-साथ पाकिस्तान में तैयार शीर खुरमा सेंवई शहर के हर सेवईं दुकान में उपलब्ध है। इस विशेष सेंवई की कीमत अधिक है और यह 180 ग्राम के पैकेट में 140 रुपये में उपलब्ध है। इसमें कई प्रकार के ड्राई फ्रूट्स होते हैं और यह पूरी तरह से तैयार होती है, जिसे केवल दूध में मिलाकर पकाया जा सकता है। कितनी सेंवई में कितना दूध मिलाना है यह इसके पैकेट पर लिखा होता है। इसका स्वाद बहुत ही लाजवाब है, यही कारण है कि इसकी मांग भी बहुत ज्यादा है।
बंगाल के लच्छों की मांग अधिक
साकची के एक दुकानदार बताते हैं कि लच्छे तो कई राज्यों से जमशेदपुर लाए गए हैं। मगर, बंगाल के लच्छे काफी जायकेदार होते हैं। इसलिए बंगाल के लच्छों की शहर में खास डिमांड है। यह लच्छे देशी घी के भी बनाए जाते हैं।
वारणसी से आई खास सेवइयां भी उपलब्ध

मानगो में सेंवइयां बेच रहे अराफात बताते हैं कि उनकी दुकान में वाराणसी से आई खास किस्म की सेंवईं मौजूद है। यह सेवईं विशेष आर्डर देकर बनवाई गई है। उनका कहना है कि उनके यहां देशी घी के लच्छे भी मौजूद हैं। अराफात ने बताया कि इस बार ईद पर सेवइयों की खूब बिक्री हो रही है। किमामी सेवईं और लच्छे खूब खरीदे जा रहे हैं। उनकी दुकान पर कराची का शीर खुर्मा भी मौजूद है।
खूब खरीदा जा रहा अफलातून लच्छा
इसके अलावा, बाजार में अफलातून लच्छा सेवई भी तेजी से लोकप्रिय हो रही है। यह पहली बार बाजार में आई है और दुकानदार सैयद अख्तर के मुताबिक, इसे खासतौर पर सभी वर्गों के लिए तैयार किया गया है। कम खर्च करने वाले ग्राहकों के लिए रिफाइन और देसी घी मिलाकर 240 रुपये किलो और शुद्ध देसी घी वाली सेवई 400 रुपये किलो की दर से उपलब्ध है।
पंजाबी सेंवईं भी बनी लोगों की पसंद
वहीं, माकुटी और पंजाबी सफेद और पंजाबी भूरा सेवई की सबसे ज्यादा मांग हो रही है, जो 160 से 180 रुपये किलो की दर से बिक रही है। पटनहिया सेवई, जो लड्डू के आकार में होती है, 140 रुपये किलो में बिक रही है। स्पेशल मशीन हैंडमेड सेवई 180 रुपये किलो में मिल रही है।
दाम में हुई है अच्छी खासी वृद्धि

इस साल सेवइयों की कीमतों में 15 से 20 फीसदी तक वृद्धि हो चुकी है, जिसका कारण शुद्ध घी, डालडा, रिफाइन और मैदा की कीमतों में इजाफा है। किमामी सेवई, जो पहले 80 रुपये किलो बिकती थी, अब 100 रुपये किलो हो गई है। इसके अलावा, ब्रांडेड सेवइयों में भी अलग-अलग फ्लेवर उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत 260 रुपये किलो है। साकची में नकाब, स्ट्राल, इत्र, टोपी आदि की भी खासी बिक्री हो रही है। महिलाएं नए नकाब और स्ट्राल खरीद रही हैं। नमाजी नए जानमाज और टोपी ले रहे हैं। इंडोनेशिया, बांग्लादेश, तुर्की आदि देशों की टोपियां बेची जा रही हैं।

