जामताड़ा /पति-पत्नी का मनरेगा जाब कार्ड करते थे साइबर ठगी तीन धराए : जामताड़ा जिले के ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा मजूदरों की लिस्ट में शामिल बीपीएल कार्डधारी यदि आपको महंगी कार, बाइक और डेढ़ लाख रुपये का एपल का मोबाइल लेकर घूमता नजर आ जाए तो इसमें चौंकने जैसी कोई बात नहीं है। शनिवार को करमाटांड़ के कासीटांड़ गांव से पकड़ा गया युवक मंटू मंडल भी मनरेगा जाब कार्डधारी है।

पति-पत्नी का मनरेगा जाब कार्ड करते थे साइबर ठगी तीन धराए
शातिर ने गरीबी की इंतहां का सरकार इस कदर हवाला दे रखा है कि पत्नी सुनीता देवी का भी मनरेगा का जाब कार्ड बनवा दिया। लेकिन तीन एसी, एलईडी टीवी, महंगे फर्नीचर और तमाम सुख-सुविधाओं से लैस उसका घर उसके साइबर ठग होने की गवाही बयां कर रहा है। छापेमारी के दौरान मौके से तीन शातिर साइबर ठग पुलिस के हत्थे चढ़े।
उसके साथ पकड़ में आया आरोपित मिथुन ताराबहाल गांव का रहने वाला है, जबकि प्रकाश मंडल कासीटांड़ का ही है।
जामताड़ा साइबर थाना प्रभार मनोज कुमार ने बताया कि आरोपित इतने शातिर हैं कि अपने घर के पीछे बने स्टोर रूम में बैठ कर अपने मोबाइल के जरिए लोगों से ठगी कर रहे थे।

आरोपितों के पास से चार मोबाइल, 19 अलग-अलग कंपनियों के सिम कार्ड, दो पासबुक, एक एटीएम कार्ड, एक बाइक और 51000 रुपये कैश भी बरामद हुए हैं। आरोपित लोगों को बकाया बिजली बिल भुगतान करने के नाम पर झांसे में लेते और उन्हें ठगी का शिकार बनाते थे।
शातिर मिथुन ने गांव में दिखावे के लिए खोल रखी है कपड़े की दुकान :
पुलिस के हत्थे चढ़ा साइबर ठग मिथुन इस गैंग का मास्टर माइंड है। पुलिस को काफी समय से उसकी तलाश थी। लेकिन पुलिस से बचने के लिए वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था। उसने अपने गांव ताराबहाल में बस दिखावे के लिए ही कपड़े की दुकान खोल रखी है।

ताकि लोगों के बीच यह भ्रम बना रहे कि वह अपने कारोबार से कमाई करता है और पैसे कमा रहा है। लेकिन वह काफी समय से पुलिस को चकमा देकर साइबर ठगी के धंधे में संलिप्त है। कई बार पुलिस टीम ने उसके गांव में ट्रैप कर उसे दबोचने का प्रयास किया, लेकिन हर बार वह बच निकला। शनिवार की सुबह वह अपने साथियों के साथ करमाटांड़ के कासीटांड़ गांव में ठगी करता रंगेहाथों पकड़ा गया। वह साइबर ठगी के जरिए अबतक लाखों की कई प्रापर्टी का मालिक बन चुका है।
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