
हैदराबाद: तेलंगाना में कांग्रेस पार्टी के अंदर के हालात इस समय तनावपूर्ण होते दिखाई दे रहे हैं। पार्टी के 10 विधायकों ने एक गुप्त बैठक की, जिससे पार्टी नेतृत्व में असंतोष की लहर फैल गई है। इस बैठक में शामिल विधायक मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से नाराज बताए जा रहे हैं, खासकर मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी से उनकी नाराजगी स्पष्ट रूप से सामने आ रही है। इन घटनाक्रमों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने असंतोष को शांत करने के लिए आपात बैठक बुलाई है।
असंतुष्ट विधायक पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी से नाराज
सूत्रों के मुताबिक, असंतुष्ट विधायक पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी से नाराज हैं और उनकी नाराजगी के कारण ही मुख्यमंत्री ने कमांड कंट्रोल सेंटर में सभी मंत्रियों के साथ एक आपात बैठक बुलाई है। मंत्री श्रीनिवास रेड्डी ने मुख्यमंत्री के आदेश पर अपनी यात्रा को रद्द किया, ताकि वह बैठक में शामिल हो सकें। हालांकि, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बैठक में शामिल नहीं होने का निर्देश दिया है, जो इस बात का संकेत देता है कि पार्टी के अंदर असंतोष की गंभीरता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
10 विधायकों की गुप्त बैठक
इन घटनाओं के बीच, कांग्रेस के 10 विधायकों ने विधायक अनिरुद्ध रेड्डी के फार्महाउस पर एक गुप्त बैठक की। इस बैठक में शामिल होने वाले विधायकों में नैनी राजेंद्र रेड्डी, भूपति रेड्डी, येनम श्रीनिवास रेड्डी, मुरली नाइक, कुचुकुल्ला राजेश रेड्डी, संजीव रेड्डी, अनिरुद्ध रेड्डी, लक्ष्मीकांत, दोंती माधव रेड्डी और बीरला इलैय्या शामिल थे। हालांकि, इस बैठक के बाद कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने इसे महज एक डिनर मीटिंग बताते हुए बगावत की संभावना को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि इस बैठक का उद्देश्य केवल एक सामान्य मुलाकात थी, जिसका विपक्षी दलों द्वारा राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
मल्लू रवि का बयान
मल्लू रवि ने आगे कहा कि यह बैठक आईटीसी कोहिनूर में हुई थी, न कि किसी फार्महाउस में। उन्होंने कहा कि इसमें 10 विधायकों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन केवल आठ ने इसमें भाग लिया। मल्लू रवि ने यह भी कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सभी विधायकों से बात की और बगावत की संभावना को सिरे से नकारा। उनका यह भी कहना था कि विपक्षी दल सोशल मीडिया के माध्यम से इस मुद्दे को तूल देने की कोशिश कर रहे हैं और इस मामले को बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया जा रहा है।
असंतुष्ट विधायकों के अधिकांश बीआरएस के बागी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि बैठक में शामिल अधिकतर विधायक वे हैं, जिन्होंने पिछले साल बीआरएस (भारत राष्ट्र समिति) से इस्तीफा देकर कांग्रेस में शामिल हुए थे। इसके अलावा, पार्टी नेताओं का मानना है कि इन विधायकों का असंतोष 2024 में होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों और विधान परिषद चुनावों से पहले पार्टी के लिए बड़ा संकट बन सकता है।
कांग्रेस नेतृत्व द्वारा कार्रवाई की संभावना
तेलंगाना कांग्रेस के एक सीनियर नेता ने कहा कि यह पूरी संभावना है कि राज्य नेतृत्व इन विधायकों से स्पष्टीकरण मांगेगा। यदि ऐसा नहीं किया जाता, तो पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच गलत संदेश जा सकता है। पार्टी के अंदर इस असंतोष को खत्म करना आवश्यक हो सकता है, ताकि आगामी चुनावों में पार्टी की छवि पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

