नई दिल्ली: चीनी मोबाइल निर्माता कंपनी वीवो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में एक चीनी नागरिक और लावा इंटरनेशनल के एमडी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। ईडी के एक शीर्ष सूत्र ने बताया कि एजेंसी ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनकी पहचान चीनी नागरिक गुआंगवेन क्यांग उर्फ एंड्रयू कुआंग, लावा इंटरनेशनल के एमडी हरिओम राय, चार्टर्ड अकाउंटेंट राजन मलिक और नितिन गर्ग के रूप में हुई है।
ईडी ने 48 ठिकानों पर चलायी थी तलाशी अभियान
ईडी की यह कार्रवाई लगभग एक साल से अधिक के समय बाद हुई है। इससे पहले ईडी ने वीवो मोबाइल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उसकी 23 सहयोगी कंपनियों जैसे ग्रैंड प्रॉस्पेक्ट इंटरनेशनल कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित देश में 48 स्थानों पर तलाशी अभियान चलायी थी। ईडी के अनुसार, वीवो मोबाइल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को 1 अगस्त 2014 को हांगकांग स्थित कंपनी मल्टी एकॉर्ड लिमिटेड की सहायक कंपनी के रूप में स्थापित किया गया था और आरओसी दिल्ली में रजिस्टर्ड किया गया था।
सीएम नितिन गर्ग ने कंपनी बनाने में की थी मदद
जीपीआईसीपीएल को 3 दिसंबर 2014 को आरओसी शिमला में रजिस्टर्ड किया गया था। वित्तीय जांच एजेंसी ने कहा था कि उक्त कंपनी को सीए नितिन गर्ग की मदद से झेंगशेन ओउ, बिन लू और झांग जी ने बनाया था। बिन लू ने 26 अप्रैल 2018 को भारत छोड़ दिया, जबकि झेंगशेन ओउ और झांग जी ने 2021 में भारत छोड़ दिया।
दिल्लीे के कालकाजी थाना में दर्ज केस के आधार पर शुरू की गई जांच
ईडी द्वारा पीएमएलए जांच दिल्ली के कालकाजी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक एफआईआर के आधार पर 3 फरवरी, 2022 को मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज करके शुरू की गई थी। जीपीआईसीपीएल और उसके शेयरधारकों ने संयोजन के समय जाली पहचान दस्तावेजों और गलत पते का इस्तेमाल किया था। आरोप सही पाए गए, क्योंकि जांच से पता चला कि जीपीआईसीपीएल के निदेशकों द्वारा बताए गए पते उनके नहीं थे, बल्कि वास्तव में यह एक सरकारी भवन और एक वरिष्ठ नौकरशाह का घर था।
Vivo अधिकारियों की भी हुई गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार ED ने वीवो कंपनी से जुड़े 4 लोगों को पूछताछ के बाद अपनी गिरफ्त में ले लिया है। इनमें 1 चीनी नागरिक तथा 3 भारतीय लोग हैं। एजेंसी ने जिन लोगों को अरेस्ट किया है, उनमें चीनी नागरिक गुआंगवेन क्यांग उर्फ एंड्रयू कुआंग, लावा इंटरनेशनल के एमडी हरि ओम राय, चार्टर्ड अकाउंटेंट नितिन गर्ग और राजन मलिक शामिल हैं। इन चारों को PMLA यानी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट के तहत हिरासत में लिया गया है।
दो साल पुराना है मामला
गौरतलब है कि चीनी कंपनी वीवो से जुड़ा यह मामला आज का नहीं, बल्कि तकरीबन दो साल पुराना है। ईडी ने फरवरी 2022 में मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच शुरू की थी, जिसमें Vivo Mobiles India और इससे जुड़ी कई ईकाइयां भी रडार में आईं थीं। उस वक्त ED ने 20 से भी अधिक वीवो की सहयोगी कंपनियों पर छापेमारी की थी, जिसमें ग्रैंड प्रॉस्पेक्ट इंटरनेशनल कम्युनिकेशन भी शामिल थी।
10 लाख रुपये से अधिक नकदी भी जब्त
मालूम हो कि ईडी ने नौ अक्टूबर को आरोपियों के परिसरों पर छापेमारी कर 10 लाख रुपये से अधिक की नकदी जब्त की थी। ईडी ने 3 फरवरी, 2022 को मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू किया था।

