Home » 1 जुलाई से लागू होंगे तीन नए क्रिमिनल कानून, जानिए इनके बारे में

1 जुलाई से लागू होंगे तीन नए क्रिमिनल कानून, जानिए इनके बारे में

by The Photon News Desk
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

सेंट्रल डेस्क। New Criminal Laws : भारत में 1 जुलाई, 2024 से तीन नए आपराधिक कानून लागू होने जा रहे हैं। ये नए कानून देश की न्याय प्रणाली में व्यापक बदलाव लाने वाले हैं। ये तीन कानून – भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) 2023, भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) 2023 और भारतीय साक्ष्य (द्वितीय) विधेयक 2023 – क्रमशः 1860 की आईपीसी, 1973 की सीआरपीसी (New Criminal Laws) और 1872 के भारतीय साक्ष्य अधिनियम को बदल देंगे। हालांकि, इन नए कानूनों में एक अहम बदलाव को अभी कुछ और समय के लिए टाल दिया गया है। आइए इन कानूनों के प्रमुख बिंदुओं पर एक नज़र डालें। बता दें कि तीनों कानूनों को पिछले साल 21 सितंबर को संसद से मंजूरी मिली थी। उसके बाद 25 दिसंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी उन्हें मंजूरी दी थी।

New Criminal Laws – नए कानूनों में क्या बदलाव?

मॉब लिंचिंग पर सख्त सजा: नए आईपीसी में मॉब लिंचिंग को गैर-जमानती अपराध बनाते हुए इसके लिए उम्रकैद या फांसी की सजा का प्रावधान किया गया है।

नाबालिग से बलात्कार पर फांसी: नए आईपीसी में 12 साल से कम उम्र की लड़की से बलात्कार के लिए मृत्युदंड की सजा का प्रावधान किया गया है। 12 से 16 साल की लड़की से बलात्कार के लिए भी कड़ी सजा का प्रस्ताव है।

धोखाधड़ी पर सख्त कार्रवाई: नए आईपीसी में ऑनलाइन धोखाधड़ी, वित्तीय धोखाधड़ी और जालसाजी जैसे अपराधों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है।

जमानत प्रक्रिया में सुधार: नए सीआरपीसी में जमानत प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए प्रावधान किए गए हैं, ताकि निर्दोष व्यक्तियों को जेल में न रहना पड़े। साथ ही, त्वरित ट्रायल के लिए भी प्रावधान किए गए हैं।

डिजिटल साक्ष्यों को मान्यता: नए भारतीय साक्ष्य (द्वितीय) विधेयक 2023 में सोशल मीडिया पोस्ट, ईमेल और इलेक्ट्रॉनिक संचार को साक्ष्य के रूप में मान्यता दी गई है।

हिट एंड रन पर अभी रोक

हालांकि नए कानून लागू होने जा रहे हैं, लेकिन हिट एंड रन के मामलों से जुड़े प्रावधानों को फिलहाल लागू नहीं किया जाएगा। केंद्र सरकार इन प्रावधानों को लेकर और हितधारकों से विचार-विमर्श कर रही है।

New Criminal Laws – देश में मिश्रित प्रतिक्रिया

इन नए कानूनों को लेकर देश में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली है। कुछ लोगों का मानना है कि ये कानून अपराधों पर अंकुश लगाने में मददगार होंगे, जबकि कुछ का मानना है कि इनसे न्याय प्रणाली पर अनावश्यक बोझ पड़ सकता है।

अधिसूचनाएं जारी, राज्य सरकारों का अपनाना बाकी

केंद्र सरकार इन नए कानूनों को लागू करने के लिए जरूरी अधिसूचनाएं जारी कर चुकी है। अब इन कानूनों को राज्यों द्वारा अपनाया जाना बाकी है। साथ ही, न्याय प्रणाली को इन नए कानूनों के अनुरूप ढालने के लिए प्रशिक्षण और संसाधनों की आवश्यकता होगी।

Related Articles