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धनबाद की छह विधानसभा सीटों पर मुकाबला, 80 प्रत्याशी मैदान में, 29 प्रतिशत पर हैं आपराधिक मामले

नामांकन वापस लेने के बाद फाइनल लिस्ट, तीन ने लिया नाम वापस, छह के पर्चे खारिज

by Anand Mishra
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धनबाद : आगामी विधानसभा चुनाव 2024 के लिए धनबाद जिला की छह विधानसभा सीटों पर नामांकन वापस लेने का आखिरी दिन 1 नवंबर 2024 था। इस दिन तीन उम्मीदवारों ने अपना नाम वापस ले लिया, वहीं छह उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज हो गए। अब कुल 80 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमाने के लिए चुनावी मैदान में हैं। सबसे ज्यादा 20 प्रत्याशी टुंडी सीट से और सबसे कम 9-9 प्रत्याशी सिंदरी और धनबाद सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

29 प्रतिशत प्रत्याशियों पर आपराधिक मामले, 22 करोड़पति उम्मीदवार

धनबाद के छह विधानसभा क्षेत्रों से मैदान में उतरे 80 प्रत्याशियों में 29 प्रतिशत यानी 25 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से कई प्रत्याशी गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, जिनमें टुंडी के मोतीलाल महतो और निरसा के अरूप चटर्जी जैसे प्रत्याशी शामिल हैं, जिन पर पांच-पांच आपराधिक मामले हैं। इसके अलावा 22 प्रत्याशी करोड़पति हैं, जबकि 18 उम्मीदवारों की शैक्षिक योग्यता मैट्रिक से भी कम है। इस बार प्रत्याशियों की शिक्षा और संपत्ति का स्तर काफी विविध है।

उम्र के मामले में विविधता, 26 साल की रूबिना से लेकर 75 साल के हीरालाल मैदान में

इस चुनाव में प्रत्याशियों की उम्र का दायरा भी काफी बड़ा है। सबसे कम उम्र की प्रत्याशी धनबाद से 26 वर्षीय रूबिना राज हैं, जबकि सबसे उम्रदराज प्रत्याशी 75 वर्षीय हीरालाल शंखवार सिंदरी से हैं। औसत आयु 40-45 साल के बीच है, जो बताती है कि युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों दोनों ने चुनावी मैदान में उतरने की इच्छा जताई है।

किसान, मजदूर, ड्राइवर से लेकर राजनेता तक मैदान में

धनबाद की इन छह सीटों पर चुनावी दंगल में अलग-अलग पृष्ठभूमि के प्रत्याशी शामिल हैं। 11 उम्मीदवार किसान हैं, जबकि 7 मजदूर हैं। झरिया से सबसे गरीब प्रत्याशी अनिल बाउरी हैं, जिनकी संपत्ति मात्र 10 हजार रुपये है, जबकि इसी सीट से भाजपा प्रत्याशी रागिनी सिंह 9.98 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ सबसे अमीर प्रत्याशी हैं। इस चुनाव में फुटपाथ दुकानदार, पलंबर, पुजारी, गृहणी और बीमा एजेंट भी शामिल हैं, जो राजनीति में अपनी जगह बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

सिंदरी के प्रत्याशी सबसे शिक्षित, टुंडी के पांच उम्मीदवार मैट्रिक पास भी नहीं

धनबाद जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों में सिंदरी से सबसे अधिक शिक्षित उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। यहां के सभी नौ प्रत्याशी कम से कम मैट्रिक पास हैं, जबकि टुंडी से मैदान में उतरे पांच प्रत्याशियों की शिक्षा मैट्रिक से कम है। सिंदरी के पांच प्रत्याशी ग्रेजुएट हैं और एक पोस्ट ग्रेजुएट भी हैं। वहीं झरिया से मात्र दो ग्रेजुएट उम्मीदवार हैं, जबकि चार प्रत्याशी सिर्फ साक्षर हैं।

चुनावी प्रक्रिया को लेकर प्रशासन तैयार, प्रशिक्षण और सुरक्षा पर विशेष ध्यान

धनबाद जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त माधवी मिश्रा ने जानकारी दी कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में एक सामान्य प्रेक्षक, दो व्यय प्रेक्षक और एक पुलिस प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं। मतदाताओं की शिकायतों को लेकर विशेष टीमों का गठन किया गया है। ईवीएम की व्यवस्था पूरी कर ली गई है और वाहनों का पर्याप्त इंतजाम किया गया है, ताकि त्यौहार के समय सार्वजनिक परिवहन प्रभावित न हो।

जिला प्रशासन ने मतदाता जागरूकता के लिए भी विशेष अभियान चलाने की योजना बनाई है। मतदान कर्मचारियों के प्रशिक्षण के पहले चरण को सफलता से पूरा कर लिया गया है और 4 नवंबर से दूसरे चरण का प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा।

निष्पक्ष चुनाव की तैयारी, पुलिस सतर्क

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हृदीप पी. जनार्दनन ने सुरक्षा इंतजामों के बारे में जानकारी दी। मतदान केंद्रों और चेक पोस्ट पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। पुलिस प्रशासन ने सभी चुनावी गतिविधियों पर सख्त नजर रखने की बात कही है। धनबाद में विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियों का दौर चल रहा है और प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।

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