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Rahul Gandhi : राहुल गांधी का हेलिकॉप्टर गोड्डा में फंसा, कांग्रेस ने PM मोदी की सभा को बताया कारण

by Rakesh Pandey
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रांची : झारखंड चुनाव के दौरान प्रचार-प्रसार में जुटे कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का हेलिकॉप्टर झारखंड के गोड्डा जिले में फंस गया है, जिसके कारण उनकी यात्रा में देरी हो रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राहुल गांधी का हेलिकॉप्टर गोड्डा के बेलबड्डा क्षेत्र के हेलीपैड पर करीब आधे घंटे से खड़ा हुआ है, क्योंकि अधिकारियों ने इसे उड़ने के लिए क्लीयरेंस नहीं दी है। कांग्रेस पार्टी ने इस देरी के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी सभा को जिम्मेदार ठहराया है।

कांग्रेस का आरोप – बीजेपी के दबाव में काम कर रही प्रशासन

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि झारखंड के गोड्डा में राहुल गांधी के हेलिकॉप्टर को जानबूझकर क्लीयरेंस नहीं दी जा रही है, ताकि उनका चुनावी अभियान प्रभावित हो। कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी सभा को लेकर सुरक्षा कारणों से राहुल गांधी के हेलिकॉप्टर को उड़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है। दरअसल, 20 नवंबर को झारखंड में दूसरे चरण का मतदान होने वाला है, और प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान राज्य के विभिन्न इलाकों में चुनावी प्रचार करेंगे।

कांग्रेस विधायक ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बीजेपी की “गलत नीति” है, जो विपक्षी नेताओं के चुनावी प्रचार को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। उनका आरोप है कि मोदी की सभा के कारण प्रशासन ने जानबूझकर राहुल गांधी की यात्रा में रुकावट डालने की साजिश रची है।

हेलिकॉप्टर का फुटेज सामने आया

गोड्डा में खड़ा राहुल गांधी का हेलिकॉप्टर एक फुटेज में दिखाई दिया है, जिसमें वह हेलिकॉप्टर के भीतर बैठे हुए हैं और उड़ने की अनुमति का इंतजार कर रहे हैं। हेलिकॉप्टर के आस-पास कांग्रेस नेताओं और राहुल गांधी की सुरक्षा में तैनात कर्मी खड़े हुए थे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि राहुल गांधी गोड्डा से निकलने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें प्रशासन से क्लीयरेंस नहीं मिल पा रही है।

यह स्थिति कांग्रेस के लिए एक चुनौती बन गई है, क्योंकि पार्टी का आरोप है कि बीजेपी ने चुनावी फायदे के लिए प्रशासन को अपने पक्ष में कर लिया है। कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि यदि राज्य में निष्पक्ष चुनाव कराए जा रहे होते, तो ऐसे मामलों में दखलअंदाजी की जरूरत नहीं पड़ती।

चुनावी माहौल में कड़ी प्रतिस्पर्धा


झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए सभी प्रमुख राजनीतिक दल इस समय चुनावी मैदान में हैं। राज्य में पहले चरण का मतदान 13 नवंबर को हो चुका है, जिसमें 15 जिलों की 43 सीटों पर वोटिंग हुई थी। अब, दूसरे चरण का मतदान 20 नवंबर को होना है, जिसमें 38 सीटों पर मतदान होगा। इस चुनावी दौड़ में राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेता राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में जनसभाएं और चुनावी रैलियां कर रहे हैं।

हाल ही में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) विधायक और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने भी इसी तरह के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि उनके हेलिकॉप्टर को उड़ाने की अनुमति नहीं दी गई, जिससे उनकी चुनावी गतिविधियों में बाधा आई। कल्पना सोरेन ने यह आरोप लातेहार में चुनावी रैली को फोन पर संबोधित करते हुए लगाया था। उनका कहना था, “झारखंड की जनता देख रही है कि किस तरह केंद्र और बीजेपी के इशारे पर झारखंड के लोगों का अपमान किया जा रहा है।”

झारखंड में चुनावी माहौल बेहद गर्म है, और राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी गतिविधियों के कारण प्रशासन उनके प्रचार में रुकावट डालने की कोशिश कर रहा है। राहुल गांधी के हेलिकॉप्टर की क्लीयरेंस न मिलने की घटना ने इस आरोप को और बल दिया है। वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं ने भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं। अब यह देखना होगा कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान और इसके बाद इन आरोपों का क्या असर पड़ता है।

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