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अगर आप ऐसा कर देंगे तो मैं आपके खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारूंगी, उल्टा चुनाव प्रचार भी करूंगीः आतिशी

वे बस मार्शलों को नियमित करने के प्रस्ताव पर उपराज्यपाल की मंजूरी दिलवा देंगे, तो आतिशी उनके खिलाफ आगामी चुनाव में उम्मीदवार नहीं उतारेंगी।

by Reeta Rai Sagar
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सेंट्रल डेस्कः दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने भारतीय जनता पार्टी को एक खुली चुनौती दे दी है और कहा है कि यदि बीजेपी ऐसा करती है, तो….हम आपके खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। दरअसल आतिशी आंदोलन कर रहे बस मार्शलों को नियमित किए जाने पर चल रही बहस का जवाब दे रही थी, तभी उन्होंने बीजेपी को एक अनोखा ऑफर दे डाला।

आतिशी ने दिया अनोखा ऑफर

विजेंद्र गुप्ता को दिए ऑफर में आतिशी ने कहा कि यदि आप बस मार्शलों को नियमित करने के प्रस्ताव को उपराज्यपाल से मंजूरी दिलाते है, तो आम आदमी पार्टी अगले चुनाव में उनके खिलाफ प्रत्याशी नहीं उतारेगी। गौरतलब है कि अगले साल दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने है और फिलहाल दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र चल रहा है, जो कि चुनाव से पहले अंतिम सत्र है। इस बाबत सभी पार्टियां एक-दूसरे पर छींटाकशी कर रही है।

बस मार्शलों को नियमित करा दें

दिल्ली विधानसभा में बस मार्शलों को नियमित करने पर बहस चल रही थी, तभी सीएम आतिशी ने बीजेपी के सीनियर नेता विजेंद्र गुप्ता को ऑफर दे दिया। इसी बात को लेकर कई माह से आप और बीजेपी के बीच खींचतान जारी है। इसी बात पर आतिशी ने विजेंद्र गुप्ता से कहा कि यदि वे बस मार्शलों को नियमित करने के प्रस्ताव पर उपराज्यपाल की मंजूरी दिलवा देंगे, तो आतिशी उनके खिलाफ आगामी चुनाव में उम्मीदवार नहीं उतारेंगी।

मैं आपके लिए चुनाव प्रचार भी करूंगीः आतिशी

गौरतलब है कि विजेंद्र गुप्ता बीते दो बार से दिल्ली के रोहिणी से विधायक है। आगे आतिशी ने यह भी कहा कि उम्मीदवार उतारना तो छोड़िए, वे रोहिणी आकर विजेंद्र गुप्ता के लिए चुनाव प्रचार भी करेंगी। बता दें कि दिल्ली के करीब 10 हजार से अधिक बस मार्शल गत एक वर्ष से नियमित किए जाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे है। उनका कहना है कि हमें नियमित किया जाए, न कि चुनाव के मद्देनजर कुछ दिनों के ले रोजगार दी जाए।

बस मार्शलों ने दिल्ली की मुख्यमंत्री से लेकर उपराज्यपाल तक का दरवाजा खटखटा लिया है, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। बस मार्शलों का कहना है कि चुनाव खत्म होते ही दिल्ली सरकार उनकी मांग को ठंडे बस्ते में डाल देगी, इसलिए वे लगातार आंदोलन कर रहे है।

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