प्रयागराज : महाकुंभ 2025 के आयोजन ने एक बार फिर दुनिया भर के श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित किया है। मौनी अमावस्या के शाही स्नान से पहले ही, इस धार्मिक मेले में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। यूपी सरकार के आंकड़ों के अनुसार, 28 जनवरी को दोपहर 6 बजे तक करीब 18 करोड़ श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं। इसमें करीब 10 लाख कल्पवासी भी शामिल हैं, जो इस धार्मिक अनुष्ठान के खास आयोजन का हिस्सा बन रहे हैं।
4 करोड़ श्रद्धालुओं ने किया संगम में स्नान
मौनी अमावस्या से एक दिन पहले, यानि 27 जनवरी तक कुल 14.76 करोड़ श्रद्धालु महाकुंभ स्नान कर चुके थे। वहीं, 28 जनवरी को सुबह से लेकर दोपहर 6 बजे तक, लगभग 4 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया। इस आंकड़े को देखते हुए प्रशासन ने हर मोर्चे पर तैयारी को मजबूत कर दिया है, ताकि जनसैलाब को नियंत्रित किया जा सके और कोई अप्रिय घटना न घटे।
संगम का विहंगम दृश्य: आकाश से दिखाई देती है भीड़
प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान संगम तट का दृश्य ड्रोन कैमरे से लिया गया। इस विहंगम दृश्य में संगम की भीड़ का खौ़फनाक पैमाना देखा जा सकता है। यह दृश्य वास्तव में श्रद्धा और आस्था का सशक्त प्रतीक है, जहां हर तरफ लोग आस्था की डुबकी लगा रहे हैं।
पुष्प वर्षा से श्रद्धालुओं का स्वागत
मौनी अमावस्या के स्नान के अवसर पर यूपी सरकार ने श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की हैं। पूरे महाकुंभ क्षेत्र में पुष्प वर्षा की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को एक दिव्य अनुभव मिलेगा। सरकार ने घोषणा की है कि 10 करोड़ श्रद्धालुओं पर 25 क्विंटल गुलाब की पंखुड़ियों से पुष्प वर्षा की जाएगी। यह पुष्प वर्षा हर घाट पर 5 से 6 बार की जाएगी, विशेषकर सुबह 6.30 बजे से 7 बजे के बीच।
अधिकांश घाटों पर पहले पुष्प वर्षा की जाएगी, और फिर जैसे-जैसे श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी, पुष्प वर्षा के चक्र में भी इजाफा किया जाएगा। यह कदम श्रद्धालुओं के अनुभव को और भी भव्य बनाने के लिए उठाया गया है।
शाही स्नान का दिन: अखाड़ों की तैयारी
मौनी अमावस्या के दिन, महाकुंभ में अखाड़ों के संत शाही स्नान करेंगे। हर अखाड़े के संत अपनी-अपनी निर्धारित घाट पर शाही स्नान करेंगे, जो एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा है। शाही स्नान के दौरान श्रद्धालु इन संतों के स्नान के समय का अनुसरण करते हैं, और इसे विशेष धार्मिक महत्व का माना जाता है।
महाकुंभ 2025 का आयोजन एक ऐतिहासिक धरोहर
महाकुंभ 2025 का आयोजन न केवल भारत, बल्कि दुनिया भर के लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक अद्वितीय अवसर है। मौनी अमावस्या के दिन का शाही स्नान इस आयोजन का मुख्य आकर्षण होगा, जब लाखों लोग संगम के पवित्र जल में डुबकी लगाकर पुण्य की प्राप्ति करेंगे। प्रशासन की कड़ी सुरक्षा, श्रद्धालुओं की भारी भीड़, और पुष्प वर्षा का यह दृश्य इस महाकुंभ को और भी भव्य बना देगा।
महाकुंभ में सेना के कमांडो ने संभाला मोर्चा
प्रयागराज में महाकुंभ के मौनी अमावस्या स्नान के दौरान सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। योगी सरकार ने लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीक और बलों की तैनाती की है। संगम क्षेत्र को नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है और बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने वालों पर एंटी-ड्रोन सिस्टम से कार्रवाई की जाएगी।
एआई कैमरों से रहेगी पैनी नजर
मेला क्षेत्र में सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए 2750 एआई-आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। इसके अलावा, 100 वीएमडी स्क्रीन भी लगाई गई हैं ताकि लोगों को समय-समय पर जरूरी जानकारी दी जा सके।
सुरक्षा में पुलिस, पैरामिलिट्री और आपातकालीन सेवा दल
सुरक्षा के लिए करीब 1 लाख पुलिसकर्मियों और पैरा मिलिट्री फोर्स के जवानों को तैनात किया गया है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड के साथ ही महिला कमांडो, घुड़सवार पुलिस और स्नाइपर्स भी सुरक्षा में मुस्तैद रहेंगे। संगम नोज पर भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष पुलिस टीमों की तैनाती की गई है।
मेला क्षेत्र में 55 थाने और 155 चौकियां
मेला क्षेत्र को 10 जोन, 25 सेक्टर, 56 थाने और 155 चौकियों में बांटा गया है। हर इलाके में बीडीडीएस और एंटी-सबोटाज टीमें मौजूद रहेंगी। सुरक्षा घेरा और मजबूत बनाने के लिए एनएसजी और एटीएस कमांडो भी तैनात हैं।
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