पटना : केंद्र सरकार ने इस चुनावी साल में बिहार के लिए रेलवे के क्षेत्र में बड़ी सौगात दी है। बिहार के 98 स्टेशनों को अमृत स्टेशन के रूप में विकसित करने की घोषणा के साथ-साथ राज्य में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 3,164 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इसके अलावा, बिहार को रेलवे कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए कुल 10,066 करोड़ रुपये की राशि दी गई है, जो राज्य में रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूती प्रदान करेगा।
प्रस्तावित अमृत स्टेशन की सूची
केंद्र की सरकार ने बिहार में 98 अमृत स्टेशन विकसित करने का फैसला लिया है. जिन स्टेशनों को विकसित किया जाना है, उसमें अनुग्रह नारायण रोड, आरा, बख्तियारपुर, बांका, बनमनखी, बापूधाम मोतिहारी, बड़हिया, बरौनी, बाढ़, बारसोई जंक्शन, बेगुसराय, बेतिया, भभुआ रोड, भागलपुर, भगवानपुर, बिहार शरीफ, बिहिया, बिक्रमगंज, बक्सर, चौसा, छपरा, दलसिंह सराय, दरभंगा, दौरम मधेपुरा, डेहरी ऑन सोन, ढोली, दिघवारा, डुमरांव, दुर्गौती, फतुहा, गया, घोड़ासहन, गुरारू, हाजीपुर जंक्शन शामिल हैं।
इसके अलावा जमालपुर, जमुई, जनकपुर रोड, जयनगर, जहानाबाद, झंझारपुर, कहलगांव, करहगोला रोड, कटिहार, खगड़िया जंक्शन, किशनगंज, कुदरा, लाभा, लहेरिया सराय, लक्खीसराय, लखमीनिया, मधुबनी, महेशखूंट, मैरवा, मानसी जंक्शन, मोकामा, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नबीनगर रोड, नरकटियागंज, नौगछिया, पहाड़पुर, पाटलिपुत्र, पटना, पीरो, पीरपैंती, रफीगंज, रघुनाथपुर, राजेंद्र नगर, राजगीर, राम दयालु नगर, रक्सौल, सबौर, सगौली, सहरसा, साहिबपुर कमाल, सकरी, सलौना, सालमारी, समस्तीपुर, सासाराम, शाहपुर पटोरी, शिवनारायणपुर, सिमरी बख्तियारपुर, सिमुलतला, सीतामढी, सीवान, सोनपुर जंक्शन, सुल्तानगंज, सुपौल, तारेगना, ठाकुरगंज, थावे, अररिया कोर्ट, चकिया, नवादा, मोतीपुर, एकमा, मसरख का नाम शामिल है।
सम्राट चौधरी का आभार
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस विकास कार्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से बिहार में रेलवे के विकास में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं और इस बार केंद्र सरकार द्वारा आवंटित राशि से रेलवे के बुनियादी ढांचे में और भी तेजी आएगी। उन्होंने यह भी बताया कि 1,832 किलोमीटर नई पटरियां बिछाई गई हैं, जो मलेशिया के पूरे रेल नेटवर्क के बराबर हैं।
डिप्टी सीएम ने क्या कहा
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में सभी रेल लाइनें 100% विद्युतीकृत हो चुकी हैं और इस समय राज्य में 57 नई परियोजनाएं चल रही हैं। इनमें से कुल 5,346 किलोमीटर तक नई पटरियां बिछाई जा रही हैं, जिसकी लागत करीब 86,458 करोड़ रुपये होगी। उन्होंने यह भी बताया कि बिहार में 22 अद्वितीय ठहराव वाली 12 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं, जो राज्य के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने का काम कर रही हैं।
रेलवे में बड़े निवेश की घोषणा
वित्तीय वर्ष 2025 के केंद्रीय बजट में बिहार को रेलवे के लिए 10,066 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आवंटन किया गया है, जो राज्य में रेलवे नेटवर्क के विस्तार के लिए एक बड़ा कदम साबित होगा। सम्राट चौधरी ने कहा कि वर्ष 2009-14 के बीच बिहार के रेलवे के लिए औसत व्यय ₹1,132 करोड़ था, लेकिन इस बार ₹10,000 करोड़ से अधिक का आवंटन किया गया है, जो रेलवे के विकास कार्यों को नई गति देगा।
स्टेशनों के पुनर्विकास पर जोर
बिहार के प्रमुख स्टेशनों का पुनर्विकास भी जारी है। जिन स्टेशनों को विकसित किया जा रहा है, उनमें गया, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, सीतामढ़ी और दरभंगा शामिल हैं। इन स्टेशनों को बेहतर बनाने के लिए 1,500 करोड़ रुपये की लागत से कार्य हो रहा है। उदाहरण के तौर पर, गया स्टेशन को 296 करोड़ रुपये, मुजफ्फरपुर स्टेशन को 442 करोड़ रुपये और दरभंगा स्टेशन को 340 करोड़ रुपये से पुनर्विकसित किया जा रहा है।
भविष्य में रेलवे का विकास
केंद्र सरकार की इस योजना से बिहार में रेलवे के क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार होंगे। राज्य के यात्री सुविधाओं में सुधार होने से लोगों को यात्रा में अधिक आराम मिलेगा। इसके अलावा, रेलवे के विस्तार से राज्य की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। बिहार के लिए यह एक नई दिशा की शुरुआत है, और आने वाले वर्षों में राज्य में रेलवे कनेक्टिविटी और सुविधाओं में काफी सुधार होगा।
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