
प्रयागराज : महाकुंभ के 27वें दिन शनिवार को एकादशी और वीकेंड की छुट्टियों के कारण संगम पर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ जुटी। इस भीड़ के कारण शहर की सड़कों पर 4-4 किलोमीटर तक जाम लग गया, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई। संगम पर जाने वाले रास्ते पर अत्याधिक भीड़ थी और श्रद्धालुओं को रुकने नहीं दिया जा रहा था।
रीवा रोड और तुला रामबाग पर भीषण जाम
रीवा रोड पर लंबा जाम लगा था, जहां संगम पहुंचने के लिए श्रद्धालु घंटों फंसे रहे। इसके बाद ही उन्हें आगे जाने की अनुमति दी जा रही थी। लखनऊ और प्रतापगढ़ से आने वालों को तेलियरगंज में रोक दिया गया था। तुला रामबाग और गीता निकेतन के पास भी जाम की स्थिति बनी हुई थी, जहां पैदल चलना भी मुश्किल हो गया था।
शहर की गलियां भी हुईं जाम
महाकुंभ में इस भारी भीड़ के कारण शहर की मुख्य सड़कों के साथ-साथ गलियों में भी जाम की स्थिति बन गई। प्रशासन ने मेला क्षेत्र के पुलों पर प्रतिबंध लागू कर दिया था, और निर्धारित पुलों के जरिए ही लोगों को आने-जाने की अनुमति दी गई थी। पुल नंबर 13 को अखाड़ा की तरफ जाने के लिए खोल दिया गया था, जबकि संगम की तरफ आने के लिए पुल नंबर 8-9 का इस्तेमाल किया जा रहा था।
मोबाइल नेटवर्क भी हुआ प्रभावित
यह भीड़ इतनी ज्यादा थी कि मेला क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क भी ध्वस्त हो गया था। लोगों को संदेश भेजने या कॉल करने में दिक्कत हो रही थी, क्योंकि नेटवर्क पर भारी दबाव था।
शास्त्री ब्रिज पर जाम और नया ट्रैफिक प्लान
शास्त्री ब्रिज पर 3 से 4 किलोमीटर तक जाम लगा था, जहां श्रद्धालु अपनी गाड़ियां छोड़कर नहाने चले गए थे, जिससे ब्रिज की सड़क की चौड़ाई कम हो गई थी। इसके अलावा, नैनी में रीवा रोड पर भी 4 किलोमीटर तक जाम की स्थिति थी। प्रशासन ने अब नया ट्रैफिक प्लान लागू किया है, जिसके तहत मेला क्षेत्र में वाहनों की एंट्री रात 8 बजे से 9 फरवरी की सुबह 4 बजे तक की जाएगी।
महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और जाम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए अतिरिक्त उपाय किए हैं, लेकिन भीड़ के चलते स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई है।
Read Also: नौकरशाही : मनीषी की साधना का फल

