लोहरदगा : भाजपा नेता अनिल टाइगर की रांची के कांके में हुई हत्या के विरोध में लोहरदगा में भाजपा और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। स्थानीय पावरगंज चौक पर हेमंत सरकार का पुतला दहन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए और झारखंड में बढ़ते अपराधों की कड़ी निंदा की।
बढ़ते अपराधों पर भाजपा नेताओं का गुस्सा
विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए भाजपा नेता ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि झारखंड में आए दिन सनातनी जनप्रतिनिधियों की निर्मम हत्याएं हो रही हैं। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि राज्य की कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक ओर झारखंड राज्य के कद्दावर हिंदू नेता अनिल टाइगर की कांके (रांची) में सरेआम हत्या कर दी गई, तो दूसरी ओर कुछ दिन पहले हजारीबाग में एक गल्ला व्यापारी की भी हत्या कर दी गई थी।
ओमप्रकाश सिंह ने यह भी कहा कि हाल ही में दो दिन पहले मंगला जुलूस के दौरान पथराव की गंभीर घटना को अंजाम दिया गया। इस प्रकार की घटनाओं को लेकर स्थानीय पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में कानून और व्यवस्था के हालात दिन-प्रतिदिन बद से बदतर होते जा रहे हैं।
घाघरा प्रखंड का विवाद और निर्दोषों पर कार्रवाई
भाजपा नेता ने यह भी याद दिलाया कि पिछले वर्ष गुमला जिले के घाघरा प्रखंड में दुर्गा पूजा के दौरान एक दुर्गा समिति सदस्य पर जानलेवा हमला किया गया था। इस मामले में पुलिस प्रशासन ने हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय निर्दोष सनातनी समुदाय के लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी थी। इसके चलते वे सभी लोग परेशान और हतोत्साहित हो गए थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पुलिस प्रशासन राजनीतिक दबाव के चलते निर्दोष लोगों को परेशान कर रहा है, और प्रशासन की निष्क्रियता के कारण अपराधियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं।
भाजपा नेताओं का आरोप
भाजपा के वरिष्ठ नेता अजय पंकज ने कहा कि पुलिस प्रशासन के बड़े अधिकारी हमेशा लॉ एंड आर्डर को सख्ती से लागू करने के आदेश जारी करते हैं, लेकिन यह आदेश केवल खोखले आश्वासन साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि अपराधी अब झारखंड की कानून व्यवस्था का मजाक बना रहे हैं, और पुलिस प्रशासन अपराधियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करने में नाकामयाब है। विरोध प्रदर्शन में भाजपा के अलावा विभिन्न हिंदू संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे, जिन्होंने पुतला दहन कर अपनी नाराजगी जताई।

