New Delhi: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में 26 भारतीय और विदेशी पर्यटकों की मौत के बाद भारत सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए पाकिस्तान के साथ कई महत्वपूर्ण कूटनीतिक और कारोबारी संपर्कों को निलंबित कर दिया है। भारत ने अटारी एकीकृत चेक पोस्ट (ICP) को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है, वहीं वाघा बॉर्डर पर प्रतिदिन होने वाले ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह को भी स्थगित किया जा रहा है।
अटारी चेक पोस्ट बंद होने से व्यापार पर पड़ा असर
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बुधवार को घोषणा की, “अटारी का एकीकृत चेक पोस्ट तुरंत प्रभाव से बंद किया जा रहा है। जिन लोगों ने वैध दस्तावेजों के साथ सीमा पार की है, वे 1 मई 2025 से पहले उसी मार्ग से लौट सकते हैं।” अटारी चेक पोस्ट भारत और पाकिस्तान के बीच एकमात्र कानूनी स्थल था, जहां से व्यापार होता था। यह पोस्ट अफगानिस्तान से आने-जाने वाले सामान के लिए भी अहम था। 2023–24 में यहां से ₹3,886.53 करोड़ का व्यापार हुआ था, जिसमें 6,871 कार्गो और 71,563 यात्री शामिल थे। अब इसके बंद होने से पंजाब और आस-पास के छोटे और मध्यम व्यापारियों को बड़ा झटका लगा है।
वाघा सीमा पर ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह स्थगित
1959 से चल रही यह ऐतिहासिक परंपरा अब खतरे में है। हर शाम सूर्यास्त से ठीक पहले भारत की बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) और पाकिस्तान रेंजर्स द्वारा आयोजित यह समारोह देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। हालांकि यह समारोह अतीत में भी जैसे 2014 के आत्मघाती हमले या 2019 में विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान की गिरफ्तारी के समय अस्थायी रूप से रुका था, लेकिन इस बार यह स्थगन विशेष रूप से गंभीर और प्रतीकात्मक माना जा रहा है।
पाकिस्तान के साथ सभी कूटनीतिक रास्ते बंद
भारत ने आतंकी हमले के बाद कड़े कूटनीतिक कदम उठाते हुए इस्लामाबाद में तैनात अपने रक्षा कर्मियों को वापस बुला लिया है और पाकिस्तान के सैन्य सलाहकारों को अपने यहां से निष्कासित कर दिया है। कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की आपात बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया।
पाकिस्तानी नागरिकों के लिए SAARC वीज़ा योजना रद्द
भारत ने SAARC वीज़ा छूट योजना (SVES) के तहत पाकिस्तानी नागरिकों को मिली सभी सुविधाएं तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। विदेश सचिव ने पुष्टि की, “पाकिस्तानी नागरिकों को दिए गए सभी SAARC वीज़ा अब अमान्य हैं। जो भी पाकिस्तानी नागरिक वर्तमान में SVES वीज़ा पर भारत में मौजूद हैं, उन्हें 48 घंटे के भीतर देश छोड़ना होगा।”
भारत-पाक संबंधों में नई दरार
SAARC जैसी क्षेत्रीय सहयोग की योजनाएं, जो जनसंपर्क और कूटनीतिक संवाद को बढ़ावा देने के लिए बनी थीं, अब तनाव का शिकार हो चुकी हैं। भारत का यह रुख इस बात का संकेत है कि अब वह हर उस रास्ते को बंद करने के लिए तैयार है, जहां से सुरक्षा को खतरा हो सकता है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ जो कदम उठाए हैं, वे केवल कूटनीतिक और व्यापारिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक और प्रतीकात्मक भी हैं।
अभी और कड़े फैसले की उम्मीद
वाघा सीमा का ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह, जो अब तक भारत-पाक रिश्तों के तनावपूर्ण लेकिन सक्रिय संवाद का प्रतीक था, अब अस्थायी रूप से बंद हो गया है। इससे यह स्पष्ट है कि भारत अब अपने राष्ट्रीय हितों और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए कड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगा।

