रोहतास : पूर्व मध्य रेलवे (East Central Railway) के डेहरी ऑन सोन नगर कार्यालय में करोड़ों रुपये की रेलवे संपत्ति की अवैध बिक्री से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है। सीबीआई (CBI) और रेलवे विजिलेंस (Railway Vigilance) की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर सीनियर सेक्शन इंजीनियर समेत चार रेलकर्मियों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई पंडित दीनदयाल उपाध्याय-गया रेलखंड पर अब तक की सबसे बड़ी रेड मानी जा रही है। गिरफ्तार अधिकारियों पर सरकारी रेलवे संपत्ति की चोरी कर निजी लाभ के लिए अवैध रूप से बेचने का आरोप है।

CBI Raid in Sasaram : डेहरी रेलवे कार्यालय में हुई छापेमारी, मिले अवैध लेनदेन के सबूत
छापेमारी उस समय की गई, जब सीबीआई और रेलवे विजिलेंस की टीम ने डेहरी ऑन सोन के पथ निर्माण कार्यालय पर एक साथ कार्रवाई की। इस दौरान करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन और संपत्ति की बिक्री से संबंधित ठोस सबूत बरामद किए गए। आरपीएफ इंस्पेक्टर रामविलास राम ने बताया कि सीबीआई और रेलवे विजिलेंस के अनुरोध पर हमारी टीम ने कार्रवाई में सहयोग किया।
गिरफ्तार अधिकारी की पहचान : सीनियर सेक्शन इंजीनियर समेत चार की गिरफ्तारी
गिरफ्तार अधिकारी की पहचान राजकुमार सिंह के रूप में की गई है, जो वर्तमान में डेहरी स्थित पथ निर्माण कार्यालय में सीनियर सेक्शन इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। जनवरी 2025 में वे दानापुर से तबादले के बाद इस पद पर नियुक्त हुए थे। अन्य गिरफ्तार रेलकर्मियों में विनोद कुमार और संविदा कर्मी भीम कुमार शामिल हैं। चौथे कर्मी की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
CBI की दो महीने से थी निगरानी, ट्रकों से भेजी जा रही थी रेलवे संपत्ति
सीबीआई को इस घोटाले की सूचना दो महीने पहले मिली थी, जिसके बाद आरोपी पर कड़ी निगरानी रखी जा रही थी। जांच में यह बात सामने आई कि रेलवे की कीमती सामग्री ट्रकों के माध्यम से अन्य स्थानों पर भेजी जा रही थी और वहां उसकी बिक्री की जा रही थी। गौरतलब है कि यह ट्रांसपोर्टेशन दिन के उजाले में खुलेआम किया जा रहा था, जिससे अन्य अधिकारी इसे आधिकारिक समझते थे।
काले धन का नेटवर्क : सहयोगी के बैंक खाते में जमा हो रही थी अवैध कमाई
जांच में सामने आया है कि सीनियर सेक्शन इंजीनियर राजकुमार सिंह द्वारा अवैध कमाई की रकम रेलकर्मी विनोद कुमार के बैंक खाते में ट्रांसफर की जा रही थी। इस जानकारी के आधार पर विनोद कुमार को भी रेल परिसर से नाटकीय ढंग से गिरफ्तार किया गया।
CBI Action in Bihar : रेलवे संपत्ति की हेराफेरी में शामिल अधिकारियों पर शिकंजा
सीबीआई और रेलवे विजिलेंस को इस छापेमारी में अवैध लेन-देन के कागजात, मोबाइल चैट्स, ट्रांजेक्शन डिटेल्स और अन्य दस्तावेज भी मिले हैं, जिनसे यह पुष्टि होती है कि रेलवे की बहुमूल्य सामग्री योजनाबद्ध तरीके से बेची जा रही थी।

