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Nirjala Ekadashi 2025: इस एकादशी पर घर लाएं ये 3 चीजें, मां लक्ष्मी की बरसेगी कृपा

निर्जला एकादशी के दिन भक्त पूजन करते हैं, उपवास रखते हैं और दान-दक्षिणा देते हैं। इस तिथि में व्रत, दान और पूजन विशेष फलदायी माना गया है।

by Anurag Ranjan
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धर्म डेस्क: निर्जला एकादशी, जो कि ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आती है, हिंदू धर्म में अत्यंत पावन तिथि मानी जाती है। यह एकादशी व्रत सभी एकादशी व्रतों में श्रेष्ठ माना जाता है और भगवान विष्णु व मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ उपाय है।

इस दिन भक्त उपवास रखते हैं, पूजन करते हैं और दान-दक्षिणा देते हैं। साथ ही, कुछ विशेष वस्तुएं अगर इस दिन घर लाई जाएं तो धन, सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है।

जानिए निर्जला एकादशी पर क्या लाएं घर?

  1. कामधेनु गाय की मूर्ति: धन में होगी वृद्धि और घर में शांति

निर्जला एकादशी के दिन घर में कामधेनु गाय की मूर्ति लाना बहुत शुभ माना जाता है।

मान्यता:

  • यह मूर्ति घर में शांति और समृद्धि लाती है।
  • धन वृद्धि के योग बनते हैं।
  • पारिवारिक कलह समाप्त होती है।
  • इस मूर्ति को घर के मंदिर या उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित करना लाभकारी होता है।
  1. तुलसी का पौधा: मां लक्ष्मी का वास और सुख-शांति

तुलसी का पौधा सनातन धर्म में पवित्र माना गया है और इसे घर में लाने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

धार्मिक लाभ:

  • घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
  • सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
  • रोग और बाधाओं से रक्षा होती है।
  • इस पौधे को पूर्व या उत्तर दिशा में लगाना सबसे उत्तम होता है।
  1. मोर पंख: वास्तु दोष से मुक्ति और श्रीकृष्ण का आशीर्वाद

यदि आपके घर में लंबे समय से वास्तु दोष की समस्या है, तो इस एकादशी पर मोर पंख जरूर लाएं।

वास्तु लाभ:

  • मोर पंख घर के मंदिर में रखने से वास्तु दोष का नाश होता है।
  • मानसिक शांति मिलती है।
  • भगवान श्रीकृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

निर्जला एकादशी 2025 की तिथि और मुहूर्त (Nirjala Ekadashi 2025 Date & Time)

  • एकादशी तिथि प्रारंभ: 6 जून 2025, रात 02:15 बजे
  • एकादशी तिथि समाप्त: 7 जून 2025, सुबह 04:47 बजे
  • इस तिथि में व्रत, दान और पूजन विशेष फलदायी माना गया है।

Disclaimer (अस्वीकरण):

इस लेख में दिए गए उपाय, मान्यताएं और जानकारियां विभिन्न धार्मिक ग्रंथों, पंचांगों और ज्योतिषियों की सलाह के आधार पर प्रस्तुत की गई हैं। इनका उद्देश्य केवल जानकारी देना है। कृपया किसी भी उपाय को अपनाने से पहले अपने विवेक और विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। हम अंधविश्वास का समर्थन नहीं करते।

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