रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी द्वारा राज्यभर में आयोजित ‘संविधान बचाओ रैली’ के तहत खूंटी जिले में भी डाक बंगला परिसर में सभा आयोजित की गई, जिसके बाद एक विशाल रैली निकाली गई। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य की कृषि मंत्री और दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल की प्रभारी मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने आरएसएस और बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज भारत का संविधान खतरे में है। पहले जो देश लोकतंत्र का उदाहरण माना जाता था, वहां आज लोगों को धर्म के आधार पर बांटने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार देश को मजबूत बनाने की बजाय समाज में धार्मिक विभाजन फैलाकर सत्ता बनाए रखने की राजनीति कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि जब पहलगाम में धर्म पूछ कर निर्दोषों की हत्या हुई, तब खुद को हिंदू समाज का ठेकेदार बताने वाले आरएसएस के लोग कहां थे।
आदिवासी अस्मिता को मिटाने की कोशिश
शिल्पी तिर्की ने कहा कि देश को सबसे बड़ा खतरा आरएसएस की विचारधारा और बीजेपी की नीतियों से है। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी, दलित, पिछड़े और किसानों के अधिकार सिर्फ संविधान से सुरक्षित रह सकते हैं। लेकिन मौजूदा सरकार उन्हें कमजोर करने की साजिश कर रही है। डीलिस्टिंग से लेकर सरना-सनातन विवाद तक आदिवासी अस्मिता को मिटाने की कोशिश हो रही है।
अब दिल्ली तक पहुंचेगी सरना धर्म कोड की लड़ाई
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने भी जोर दिया कि सरना धर्म कोड की लड़ाई अब दिल्ली तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जब जातिगत जनगणना में अन्य धर्मों के लिए कॉलम हैं, तो सरना धर्म के लिए अलग कॉलम क्यों नहीं? वहीं कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा कि संविधान से ही हमारी भाषा, संस्कृति, रीति-रिवाज और ग्राम सभा जैसे परंपरागत संस्थानों की रक्षा संभव है। बीजेपी संविधान को कमजोर कर पूंजीपतियों का शासन स्थापित करना चाहती है।
संविधान की रक्षा भी जरूरी
रैली को सांसद कालीचरण मुंडा, विधायक नमन विक्सल कोनगाड़ी, पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, कांग्रेस नेत्री दयामनी बारला सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए संविधान की रक्षा जरूरी है और इसके लिए राहुल गांधी के नेतृत्व में संघर्ष जारी रहेगा।

