

Jamshedpur (Jharkhand) : साकची स्थित करीम सिटी कॉलेज का ऑडिटोरियम बीते दिन उर्दू साहित्य के प्रेमियों और विद्वानों से गुलजार रहा। कॉलेज के उर्दू विभाग द्वारा आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में दो महत्वपूर्ण पुस्तकों— “कुलियाते शायक मुजफ्फरपुरी” और “तिलिस्मे सफर” का विमोचन किया गया। इन दोनों ही पुस्तकों के संपादक कॉलेज के जाने-माने प्रोफेसर डॉ. अफसर काजमी हैं।

समारोह की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज ने की, जबकि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर श्री अहमद बद्र मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत उर्दू विभागाध्यक्ष डॉ. शहबाज अंसारी के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने उपस्थित सभी अतिथियों और साहित्य प्रेमियों का गर्मजोशी से स्वागत किया।


पुस्तकों पर गहन चर्चा और साहित्यिक महत्व
विमोचन के बाद, दोनों ही पुस्तकों पर विद्वानों ने अपनी समीक्षा प्रस्तुत की। डॉ. एस. एम. यहिया इब्राहीम और तनवीर अख्तर रूमानी ने इन कृतियों के महत्व और साहित्यिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। मंच पर स्वयं संपादक डॉ. काजमी ने अपने विचार रखे और पुस्तकों को तैयार करने के अनुभव साझा किए। शायक मुजफ्फरपुरी के छोटे भाई सैयद शब्बीर अहमद लायक भी मौजूद थे और उन्होंने अपने भाई की साहित्यिक विरासत पर बात की।

प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज ने अपने अध्यक्षीय भाषण में शायक मुजफ्फरपुरी को एक महान शायर के साथ-साथ एक महान इंसान भी बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. अफसर काजमी ने उनकी बिखरी हुई रचनाओं को एक पुस्तक के रूप में संकलित कर एक शिष्य होने का फर्ज बखूबी निभाया है। वहीं, दूसरी पुस्तक “तिलिस्मे सफर”, शाम रिजवी की गजलों का संग्रह है, जिसे डॉ. काजमी ने एक नए और आकर्षक रूप में प्रकाशित कराया है।
कार्यक्रम का संचालन उर्दू विभाग के प्राध्यापक डॉ. सादिक इकबाल ने कुशलता से किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर मोहम्मद ईसा (गौहर अजीज) ने किया। इस साहित्यिक समारोह में कॉलेज के प्राध्यापकों, विद्यार्थियों के साथ-साथ शहर के कई प्रमुख शायर और साहित्यकार भी शामिल हुए। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में सैयद साजिद परवेज का विशेष योगदान रहा।
