Jamshedpur (Jharkhand) : जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी में कार्यरत एक अनुबंध कर्मचारी की शर्मनाक करतूत कैमरे में लाइव कैद हुई है। कर्मचारी की पहचान एसएन पांडेय के रूप में हुई है। गोलमुरी स्थित एबीएम कॉलेज से सेवानिवृत्त होने के बाद यह कर्मचारी वीमेंस यूनिवर्सिटी के कुलसचिव कार्यालय में सेवा दे रहा है।
यूनिवर्सिटी कैंपस की यह घटना स्टिंग के जरिए कैमरे में कैद की गई है। कुछ दिनों से द फोटोन न्यूज की टीम को अपने स्रोतों से एसएन पांडेय की करतूतों की खबर मिल रही थी। नाम न छापने की शर्त पर कुछ छात्राओं ने एसएन पांडेय की इन आपत्तिजनक हरकतों की खबर दी। बताया गया कि कर्मचारी कार्यालय अवधि में कंप्यूटर पर बैठकर फूहड़ वीडियो देखता है। टीम की ओर से की गई पड़ताल में दावे की सच्चाई कैमरे में कैद हो गई।
स्थायी कुलपति नहीं, कैंपस में अराजक स्थिति
वर्तमान में वीमेंस यूनिवर्सिटी की प्रभारी कुलपति डॉ. अंजिला गुप्ता ही कोल्हान विश्वविद्यालय की कुलपति हैं। ऐसे में उनका अधिकांश समय कोल्हान विश्वविद्यालय में बीतता है। कुलपति की नियमित उपस्थिति नहीं होने की वजह से वीमेंस यूनिवर्सिटी की स्थिति अराजक हो गई है। शिक्षक-शिक्षिकाएं व कर्मी समय पर नहीं आते हैं। निर्धारित समय से पहले ही वापस भी चले जा रहे हैं। बिष्टुपुर कैंपस और सिदगोड़ा कैंपस दोनों का यही हाल है। यह घटना भी इसी हालत का परिणाम है। आश्चर्य है कि आए दिन ऐसी हरकतें करने के बावजूद प्रशासन में इसकी पहुंच के कारण कोई शिकायत दर्ज नहीं हो सकी है।
छात्राओं व अभिभावकों में उबाल
फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले पर अनभिज्ञता जताई है। वहीं, इस कर्मचारी की करतूत को जान चुकी छात्राओं व अभिभावकों में इसे लेकर रोष है। छात्राओं ने बताया है कि उन्हें हटाने के लिए वे उग्र प्रदर्शन करेंगी। इस मामले को लेकर अभिभावकों में भी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि ऐसी हालत में हम अपनी बहन- बेटियों को पढ़ने के लिए जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी में कैसे भेज सकते हैं।
रिटायर होनेवाले शिक्षक-कर्मचारियों से वसूली का आरोप
जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी से सेवानिवृत्त बड़ा बाबू (हेड क्लर्क) विश्वंभर यादव ने बताया कि यह आदमी यूनिवर्सिटी के रिटायर होने वाले शिक्षकों और कर्मियों से पेंशन और दूसरे कागजात तैयार करने के एवज में पैसों की भी मांग करता है। नहीं देने पर फाइल में अनाप-शनाप लिखकर रजिस्ट्रार और दूसरे अधिकारियों को गुमराह कर देता है। झारखंड सरकार की नियमावली के अनुसार सेवानिवृत्त कर्मचारी को 65 साल की उम्र तक ही दुबारा मानदेय पर रखा जाता है।
70 साल की उम्र में भी बनी रही पूर्व रजिस्ट्रार की कृपा-दृष्टि
एसएन पांडेय की उम्र करीब 70 वर्ष है। बावजूद वीमेंस यूनिवर्सिटी के पूर्व रजिस्ट्रार आरके जायसवाल की अनुशंसा पर रिनुअल होता रहा है। इसी तरह वित्त विभाग में भी चंदन पॉल, पीके गिरी, स्वप्ना मंडल नामक सेवानिवृत्त कर्मचारी रखे गए हैं, जो तय उम्रसीमा पार कर चुके हैं।
एसएन पांडेय ने क्या कहा…
इस वीडियो के संबंध में पूछने पर एसएन पांडेय ने कहा कि वह फुर्सत के समय में बिहार से जुड़ी खबरें देखते हैं। कभी कोई आपत्तिजनक वीडियो नहीं देखते हैं। बिहार से संबंधित खबरों को देखने के क्रम में कोई थंबनेल स्क्रीन पर आ गया होगा। उन्होंने बताया कि किसी ने उनके साथ बदमाशी की है। उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया है।
पूछताछ की जाएगी : रजिस्ट्रार
विश्वविद्यालय की कुलसचिव (रजिस्ट्रार) डॉ. सालोमी कुजूर ने इस संबंध में पूछने पर कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। हालांकि अब मामला संज्ञान में आ गया है। अब एसएन पांडेय से पूछताछ की जाएगी।

