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Chandil Elephant Attack : रात के सन्नाटे में हाथी का हमला, धान की रखवाली कर रहे किसान की गई जान

Jharkhand Hindi News : ग्रामीणों ने मृतक किसान के परिजनों को मुआवजा देने की मांग के साथ ही क्षेत्र में हाथियों की लगातार आवाजाही को देखते हुए स्थायी समाधान की जरूरत पर जोर दिया गया है

by Rakesh Pandey
Chandil Elephant Attack
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Chandil : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल अंतर्गत कुकड़ू प्रखंड की लेटेमदा पंचायत स्थित नूतनडीह गांव में जंगली हाथी के हमले में एक किसान की मौत हो गई। मृतक की पहचान 50 वर्षीय बुका महतो उर्फ गौरांग महतो के रूप में हुई है। वह पेशे से किसान थे और अपने परिवार का भरण-पोषण खेती के जरिए करते थे। बताया जा रहा है कि वह रोज की तरह खेत में रखे धान की रखवाली के लिए खलिहान के पास रात गुजार रहे थे।

जानें कब हुआ हमला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना बीती रात करीब तीन बजे की है। जंगल की ओर से अचानक एक जंगली हाथी गांव की सीमा में दाखिल हुआ और खलिहान के पास मौजूद बुका महतो पर हमला कर दिया। हाथी ने उन्हें पटक-पटक कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सुबह जब ग्रामीण खेत की ओर गए, तब घटना की जानकारी सामने आई।

गांव में मची अफरा-तफरी

हाथी हमले की खबर फैलते ही नूतनडीह गांव में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। घटना की सूचना जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो को दी गई। उन्होंने तत्काल वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को मामले से अवगत कराया और पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने का निर्देश दिया।

ग्रामीणों की मुआवजा और सुरक्षा की मांग

ग्रामीणों ने मृतक किसान के परिजनों को अविलंब मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही क्षेत्र में हाथियों की लगातार आवाजाही को देखते हुए स्थायी समाधान की जरूरत पर जोर दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से कुकड़ू और आसपास के इलाकों में जंगली हाथियों का मूवमेंट बढ़ गया है, जिससे खेती और जनजीवन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

खेतों की रखवाली करने से डर रहे ग्रामीण

घटना के बाद गांव में डर का माहौल है। कई किसान अब रात में खेतों की रखवाली करने से कतरा रहे हैं। धान की फसल तैयार होने के बावजूद किसान अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की ओर से गश्त तो की जाती है, लेकिन हाथियों के स्थायी विचरण मार्ग और उनके गांव में प्रवेश को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

वन विभाग की अपील

वन विभाग की ओर से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की गई है। विभाग ने लोगों से रात में अकेले खेत या जंगल की ओर न जाने, समूह में रहने और किसी भी हाथी की गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को देने का आग्रह किया है।

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