RANCHI: रांची नगर निगम ने सर्वोच्च न्यायालय से विशेष अनुमति याचिका (SLP) में अपने पक्ष में फैसला आने के बाद शहर में प्रशासनिक कार्रवाई तेज कर दी है। वार्ड 48 बड़ा घाघरा स्थित निगम की भूमि पर कब्जे को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद निगम प्रशासन ने भूमि उपयोग की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। गुरुवार को अपर प्रशासक संजय कुमार ने बड़ा घाघरा स्थित लगभग 2 एकड़ 80 डिसमिल निगम भूमि का निरीक्षण किया।
जहां 50 टन प्रतिदिन क्षमता वाले मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी केंद्र के निर्माण का प्रस्ताव है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संपूर्ण भूमि की घेराबंदी के लिए शीघ्र बाउंड्री वॉल निर्माण के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में अतिक्रमण न हो सके। साथ ही अवैध रूप से कब्जा जमाए लोगों को स्वेच्छा से भूमि खाली करने की चेतावनी दी गई। ऐसा नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भवन निर्माण शुरू करने से पहले प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य
झारखंड भवन उपविधि के अनुपालन को लेकर प्रशासक सुशांत गौरव की अध्यक्षता में बैठक हुई। जी+2 और मल्टी स्टोरी भवनों की सघन जांच, वैध नक्शों का डाटाबेस तैयार करने, गिफ्ट डीड की जांच और अवैध निर्माण पर सीलिंग कार्रवाई के निर्देश दिए गए। भवन निर्माण शुरू करने से पहले ऑनलाइन बीपीएएमएस सिस्टम के माध्यम से प्रारंभ प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य बताया गया है। इसके अलावा वैध भवन प्लान का डाटा बेस तैयार करने का निर्देश दिया गया है।

प्रशासक ने शहर के सभी भवनों के वैध नक्शों का समेकित डाटा तैयार करने, भविष्य में नक्शा विचलन पाए जाने पर संबंधित भवन स्वामियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम स्तर पर प्राप्त भवन प्लान से संबंधित आवेदनों का ससमय निष्पादन सुनिश्चित करने की जरूरत है। इसके अलावा अवैध निर्माण/संरचना की शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर विसंगतियां पाए जाने पर संबंधित भवन को सील करने की कार्रवाई प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया।
खादगढ़ा में बनेगा एमआरएफ सेंटर
खादगढ़ा स्थित निगम भूमि का भी निरीक्षण किया गया, जहां 40 टीपीडी क्षमता के एक अन्य एमआरएफ प्लांट प्रस्तावित है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अवैध कब्जा हटाकर परियोजना को समयबद्ध तरीके से शुरू किया जाए। निगम प्रशासन की ओर से कहा गया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने और वैज्ञानिक कचरा निष्पादन व रिसाइक्लिंग को बढ़ावा देने में ये केंद्र अहम भूमिका निभाएंगे।
बड़े बकाएदारों का कूड़ा उठाव होगा बंद
वित्तीय वर्ष 2025-26 में वेस्ट यूजर चार्ज संग्रहण को लेकर भी सख्ती बढ़ा दी गई है। अपर प्रशासक की अध्यक्षता में हुई बैठक में बड़े बकायेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिसमें चेतावनी दी गई कि बकाया भुगतान नहीं करने वालों के यहां कूड़ा उठाव सेवा बंद कर दी जाएगी। चार्ज कलेक्शन एमएस नेटविंड साफ्ट लैब्स प्रा लि के माध्यम से किया जा रहा है। जिसे बिना सक्षम अनुमति डिमांड राशि में बदलाव नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई है। सहायक प्रशासक के नेतृत्व में टीमों का गठन कर वार्ड स्तर पर दैनिक जांच और रिपोर्टिंग के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही डाटा डुप्लीकेसी रोकने और उपभोक्ता सत्यापन पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है। प्रतिष्ठानों से समय पर वेस्ट यूजर चार्ज जमा करने की अपील की गई है।

