रांची। झारखंड में आयुष्मान भारत योजना के तहत घोटाले को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस मामले में राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। पार्टी ने विशेष रूप से स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि जामताड़ा में सामने आया फर्जी मोतियाबिंद ऑपरेशन मामला सिर्फ एक अस्पताल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और लापरवाही का उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयुष्मान भारत जैसी महत्वपूर्ण योजना का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गई हैं।
अजय साह के अनुसार, जामताड़ा के कुछ अस्पतालों द्वारा एक महीने के भीतर हजारों मोतियाबिंद ऑपरेशन दिखाकर योजना के तहत लाखों रुपये की निकासी की गई। उन्होंने इसे गंभीर घोटाला बताते हुए कहा कि इतने बड़े स्तर पर गड़बड़ी लंबे समय तक चलती रही, लेकिन प्रशासन ने समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
दोषियों पर कार्रवाई न कर मामले को दबाने की कोशिश
उन्होंने कहा कि मामला उजागर होने के बाद भी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के बजाय केवल एक सिविल सर्जन का तबादला कर मामले को दबाने की कोशिश की गई। जिस क्षेत्र में यह घोटाला हुआ, वह स्वयं स्वास्थ्य मंत्री का विधानसभा क्षेत्र है, ऐसे में उनकी जिम्मेदारी और जवाबदेही तय होनी चाहिए।
इसके साथ ही भाजपा ने संबंधित अस्पतालों और मंत्री के करीबी लोगों के बीच संबंधों की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। पार्टी ने पूरे राज्य में आयुष्मान भारत योजना के तहत हुए सभी मोतियाबिंद ऑपरेशनों का हेल्थ ऑडिट कराने की भी मांग की है। कहा कि अगर समय रहते पारदर्शी जांच नहीं हुई, तो यह मामला और बड़ा रूप ले सकता है।

